भारत-कनाडा बैठक: व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

नई दिल्ली: वैश्विक तनाव और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए नई पहल की है। ईरान में चल रहे संकट पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत हुई और साथ ही व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नई दिल्ली में हुई बैठक ने दोनों देशों के संबंधों को सुदृढ़ करने का स्पष्ट संकेत दिया।
ईरान संकट और कूटनीतिक संवाद
भारत के विदेश मंत्री ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को समझना और इसके कूटनीतिक समाधान ढूंढ़ना था। दोनों देशों ने माना कि क्षेत्रीय अस्थिरता का प्रभाव न सिर्फ स्थानीय बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसलिए संकट के असर को कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग अनिवार्य है।
व्यापार और आर्थिक साझेदारी
बैठक के बाद मार्क कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा इस वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौता पूरा करने का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 9 अरब डॉलर का है और इसे तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
परमाणु ऊर्जा और यूरेनियम सहयोग
दोनों देशों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। भारत और कनाडा की कंपनियों के बीच दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ है, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ सके। इसके अलावा दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत परमाणु तकनीक पर भी मिलकर काम करेंगे।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा उद्योगों और समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि मूल्य श्रृंखला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। निवेश, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
पूर्व तनाव और सुधार
कनाडा के प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब 2023 में दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और व्यापार वार्ता में रुकावट आई थी। अब दोनों देशों ने संवाद बढ़ाकर रिश्तों को सामान्य करने और सहयोग की नई दिशा में कदम बढ़ाया है। कार्नी ने कहा कि पिछले एक साल में दोनों सरकारों के बीच अभूतपूर्व स्तर पर बातचीत हुई है।
व्यापारिक रणनीति और वैश्विक अवसर
भारत और कनाडा अपने व्यापारिक संबंधों को विविध बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अमेरिका की टैरिफ नीतियों के कारण नए आर्थिक साझेदार तलाशे जा रहे हैं। दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा, खनिज और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर तलाश रहे हैं, ताकि वैश्विक व्यापार में संतुलन बनाए रखा जा सके।
बैठक के समापन पर दोनों नेताओं ने कहा कि यह केवल पुराने रिश्तों की बहाली नहीं बल्कि भविष्य की नई साझेदारी की शुरुआत है। भारत और कनाडा ने आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के मुद्दों पर सहयोग का भरोसा जताया। दोनों देशों का मानना है कि मजबूत साझेदारी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई आर्थिक और रणनीतिक संभावनाएँ खुलेंगी।
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