कपसाड़ गांव हत्याकांड: पारस सोम की उम्र पर 7 फरवरी को आएगा फैसला

मेरठ के कपसाड़ गांव में युवती रूबी के अपहरण और उसकी मां सुनीता की हत्या के आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर अदालत सात फरवरी को निर्णय सुनाएगी। बुधवार को अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट (एससी/एसटी एक्ट) में इस मामले की सुनवाई हुई।
इस दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी का कक्षा पांच का शैक्षिक प्रमाण पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। दस्तावेज़ में पारस की जन्मतिथि 11 मई 2008 दर्ज थी। यही जन्मतिथि उसकी हाईस्कूल मार्कशीट में भी मौजूद है। आरोपी के अधिवक्ता संजीव राणा ने इस आधार पर पारस को नाबालिग बताते हुए यह मामला किशोर न्याय बोर्ड में चलाने की मांग की।
इसके जवाब में अभियोजन पक्ष ने अदालत से पारस के चौथी कक्षा तक का शैक्षिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का समय मांगा। अदालत ने वादी पक्ष को दो दिन का समय देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 7 फरवरी तय की।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
पारस सोम पर युवती रूबी को अपहरण करने और विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से हत्या करने का आरोप है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है। पारस के परिवार ने नाबालिग होने का दावा करते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था। इस मामले की सुनवाई एससी/एसटी एक्ट न्यायालय, एडीजे मोहम्मद असलम सिद्दीकी की अदालत में चल रही है।
सुनवाई का हाल:
शनिवार को हुई सुनवाई में वादी पक्ष ने तर्क दिया था कि आरोपी की वास्तविक उम्र की जांच के लिए उसका कक्षा पांच का रिकॉर्ड तलब किया जाना चाहिए। पारस के अधिवक्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि जन्मतिथि निर्धारण दसवीं कक्षा की मार्कशीट के आधार पर होना चाहिए। वादी अधिवक्ता को दस्तावेज़ मांगने और विधि व्याख्या देने के लिए समय दिया गया।
मंगलवार को हुई सुनवाई में वादी अधिवक्ता कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाए। दोनों पक्षों की बहस के बाद न्यायालय ने आदेश के लिए पत्रावली आरक्षित कर ली थी।
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