किचन टिप्स: बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर में क्या है फर्क, सही इस्तेमाल जानें

नई दिल्ली। रसोई में रखे बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर देखने में भले ही एक जैसे लगते हों, लेकिन इनके इस्तेमाल का तरीका और असर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होता है। अक्सर लोग दोनों में फर्क समझ नहीं पाते और गलत चुनाव की वजह से स्वाद या बनावट बिगड़ जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो यहां जानिए दोनों के बीच आसान फर्क।
बेकिंग सोडा क्या है?
बेकिंग सोडा को आमतौर पर खाने का सोडा या मीठा सोडा कहा जाता है। यह काफी तेज असर वाला होता है और अकेले अपने दम पर काम नहीं करता। इसे सक्रिय होने के लिए किसी खट्टी चीज की जरूरत होती है।
जब इसे दही, नींबू का रस, छाछ या सिरके जैसी सामग्री के साथ मिलाया जाता है, तो तुरंत गैस बनती है, जिससे पकवान हल्के और फूले हुए बनते हैं। भटूरे, ढोकला या पकौड़ों जैसे व्यंजनों में इसका इस्तेमाल आम है। ध्यान रखें कि बेकिंग सोडा डालने के बाद बैटर को देर तक नहीं रखना चाहिए, बल्कि तुरंत पकाना बेहतर होता है।
बेकिंग पाउडर कैसे अलग है?
बेकिंग पाउडर में पहले से ही बेकिंग सोडा के साथ एक सूखा एसिड मिला होता है। इसलिए इसे अलग से खटास की जरूरत नहीं पड़ती। नमी और गर्मी मिलते ही यह अपना असर दिखाने लगता है।
इसे ‘डबल एक्टिंग’ कहा जाता है, क्योंकि यह दो चरणों में काम करता है—पहली बार बैटर में मिलते समय और दूसरी बार पकने के दौरान। इसी वजह से केक, कुकीज़ और मफिन जैसे बेक्ड आइटम्स में इसका उपयोग किया जाता है, जिन्हें धीरे और बराबर पकाया जाता है।
आसान तरीके से समझें सही चुनाव
अगर रेसिपी में पहले से दही या कोई खट्टा पदार्थ शामिल है, तो बेकिंग सोडा सही रहेगा। वहीं, बिना खटास वाली और ओवन में पकने वाली चीजों के लिए बेकिंग पाउडर बेहतर विकल्प है।
अगली बार कुछ भी बेक करते समय सामग्री पर ध्यान दें। सही पाउडर का चुनाव आपकी डिश को स्वाद और बनावट दोनों में बेहतरीन बना सकता है।
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