साबरमती जेल के हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट हुआ लॉरेंस बिश्नोई, 24 घंटे निगरानी

HIGHLIGHTS
- ब्लॉक 200 को चार हिस्सों में बांटा गया है, प्रत्येक में 50 कैदियों को रखने की व्यवस्था है।
- लॉरेंस बिश्नोई की कोठरी का आकार लगभग 7.5x11 फीट बताया गया है।
- जांचकर्ताओं के अनुसार, पिछले दो वर्षों में उसकी ओर से कोई सीधी कॉल या बातचीत नहीं हुई है।
अहमदाबाद। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हाल ही में अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल के विशेष हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। इस ब्लॉक को ‘दो सौ खोली’ (Block 200) कहा जाता है। यहां आतंकवाद और अन्य गंभीर अपराधों के आरोपी 200 कैदियों को रखा जाता है।
इस ब्लॉक को कैदियों को एक-दूसरे से अलग रखने और उन्हें एक सेल से दूसरे सेल में जाने से रोकने के लिए चार हिस्सों में बांटा गया है। प्रत्येक हिस्से में 50 कैदी रहते हैं। लॉरेंस बिश्नोई की कोठरी का आकार लगभग 7.5x11 फीट बताया गया है।
गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा व्यवस्था
लॉरेंस बिश्नोई को इस ब्लॉक में रखने का कदम उसकी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए बनाई गई व्यापक सुरक्षा योजना का हिस्सा बताया जा रहा है। इस ब्लॉक में 2008 के धमाकों के दोषी भी बंद हैं।
2023-2024 से पहले लॉरेंस पर जेल से ही रंगदारी के लिए फोन करने, अपने नेटवर्क को संचालित करने के लिए धमकी भरे ऑडियो और वीडियो संदेश भेजने तथा अलग-अलग जेलों से इंटरव्यू देने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, जांचकर्ताओं के अनुसार, पिछले दो वर्षों में उसकी ओर से कोई सीधी कॉल या बातचीत नहीं हुई है।
साबरमती जेल का ब्लॉक 200 अत्यधिक सुरक्षा वाला क्षेत्र है। यहां 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले और अन्य गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए कैदियों को रखा जाता है। बीएनएस की धारा 303 के प्रावधानों के तहत, गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए और जेल से बाहर जाने पर रोक वाले कैदियों को आमतौर पर इसी क्षेत्र में रखा जाता है।
दस खोली से ब्लॉक 200 में किया गया स्थानांतरण
इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई को ‘दस खोली’ में रखा गया था। यह एक छोटा हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र है, जहां केवल 10 कैदियों को रखने की व्यवस्था है। इससे पहले वह तिहाड़ जेल और पंजाब की अलग-अलग जेलों में भी रह चुका है।
इन जेलों में रहने के दौरान कॉल सेंटर मालिकों को धमकी देने वाली उसकी रिकॉर्डिंग और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के साथ कथित बातचीत सामने आई थी। अब लोगों से मिलने-जुलने और डिजिटल दुनिया तक पहुंच न होने के कारण लॉरेंस को चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी में अकेले रखा जा रहा है।
जेल में कैसी दिनचर्या बिताता है लॉरेंस?
बताया जाता है कि लॉरेंस अपनी कोठरी में अनुशासित और तपस्वी जैसी दिनचर्या का पालन करता है। वह सुबह ध्यान करता है, नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करता है, व्रत रखता है और शाकाहारी भोजन करता है।
बाहरी दुनिया से उसका संपर्क वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालती सुनवाई में शामिल होने और अपने वकील के साथ कानूनी रणनीति पर चर्चा करने तक सीमित बताया जाता है।
हालांकि, साबरमती जेल में अलग-थलग रहने के बावजूद उसका सिंडिकेट विकेंद्रीकृत कमांड चेन के जरिए वैश्विक स्तर पर काम जारी रखता है। उसके करीबी गुर्गों का एक समूह, जिसे ‘शैडो कैबिनेट’ कहा जाता है, विदेशों में सुरक्षित ठिकानों से उसके रोजमर्रा के कामकाज को संचालित करता है।
इस समूह के प्रमुख सदस्य नए लोगों की भर्ती करने, उन्हें काम सौंपने और लॉजिस्टिक्स का समन्वय करने के साथ-साथ स्क्रीनशॉट भी साझा करते हैं।
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