गैंगस्टर एक्ट के लिए लंबा अपराध इतिहास जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया है कि गैंगस्टर एक्ट (उग्र अपराधियों के खिलाफ कानून) केवल अपराध का लंबा इतिहास रखने वाले व्यक्तियों पर ही लागू नहीं होता। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने गाजियाबाद निवासी ज्योति सिंह की याचिका पर यह आदेश दिया।
याचिका में ज्योति सिंह ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज उनके खिलाफ मामला, चार्जशीट और संज्ञान आदेश को रद्द करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि गैंगचार्ट में केवल एक ही मामला दर्ज है और उसमें भी उन्हें जमानत मिल चुकी है।
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि गैंगचार्ट 21 सितंबर 2024 को पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक में तैयार और मंजूर किया गया था, जबकि आधार मामले की जांच 20 सितंबर को पूरी हो चुकी थी।
कोर्ट ने इस पर कहा कि गैंगस्टर एक्ट लागू करने के लिए अपराध का लंबा इतिहास होना अनिवार्य नहीं है। रूल-22 के तहत सक्षम प्राधिकारी की संतुष्टि होने पर आदेश जारी करना पर्याप्त है। याचिका में उल्लिखित नियमों का उल्लंघन नहीं पाया गया, इसलिए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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