लखनऊ: गोमतीनगर विस्तार में संपत्ति विवाद ने ली जान, सगे भाई पर हत्या का आरोप

HIGHLIGHTS
- लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में पुश्तैनी मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। खरगापुर निवासी रामदेव (
- की कथित तौर पर उनके सगे भाई मोनू रावत और भाभी सीमा ने मिलकर बल्ली से हमला कर हत्या कर दी। मृतक की पत्नी सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपी मोनू रावत को हिरासत में ले लिया गया है। परिजनों के अनुसार रामदेव मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर उनका भाई मोनू से लंबे समय से विवाद…
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में पुश्तैनी मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। खरगापुर निवासी रामदेव (50) की कथित तौर पर उनके सगे भाई मोनू रावत और भाभी सीमा ने मिलकर बल्ली से हमला कर हत्या कर दी। मृतक की पत्नी सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपी मोनू रावत को हिरासत में ले लिया गया है।
परिजनों के अनुसार रामदेव मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर उनका भाई मोनू से लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो अदालत में भी विचाराधीन है। सोमवार रात करीब नौ बजे रामदेव खरगापुर बाजार सब्जी लेने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान मोनू और उसकी पत्नी पहले से वहां मौजूद थे और उन्होंने रामदेव को रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी।
विरोध करने पर दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच मोनू ने पास पड़ी लकड़ी की बल्ली उठाकर रामदेव के चेहरे, सिर और सीने पर कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल रामदेव मौके पर ही गिर पड़े। सूचना मिलने पर परिजन पहुंचे और उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत पर मोनू रावत और सीमा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी मोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बेटे पर भी हमले का आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही रामदेव का बेटा देवेश मौके पर पहुंचा, जहां आरोपी उनके पिता के साथ मारपीट कर रहे थे। आरोप है कि आरोपियों ने देवेश पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पहले से मिल रही थी धमकी
परिजनों का आरोप है कि मोनू की नजर रामदेव की संपत्ति पर थी। बंटवारे में मिली जमीन बेचने के बाद वह अब मकान में भी हिस्सा मांग रहा था। इसी को लेकर वह अक्सर विवाद करता और जान से मारने की धमकी देता था। परिजनों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से वह खुलेआम रामदेव को नुकसान पहुंचाने की बात कर रहा था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रामदेव के परिवार में पत्नी सुनीता, दो बेटियां पुष्पा और रीना तथा दो बेटे जितेश और देवेश हैं। परिजनों ने बताया कि रामदेव अपनी बड़ी बेटी की शादी के लिए रिश्ते तलाश रहे थे। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और पत्नी सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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