ट्रेन टिकट नियमों में बड़ा बदलाव, आखिरी 8 घंटे में रद्द करने पर नहीं मिलेगा रिफंड

HIGHLIGHTS
- भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द करने और यात्रा से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं।
- नए नियम लागू होने के बाद यदि कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द करता है, तो उसे किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलेगा।
- पहले यह सीमा चार घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है।
- रेलवे के इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों को समय रहते यात्रा का निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना और खाली सीटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
- इसी के साथ ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार…
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द करने और यात्रा से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नए नियम लागू होने के बाद यदि कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने से आठ घंटे से कम समय पहले रद्द करता है, तो उसे किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा चार घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है।
रेलवे के इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों को समय रहते यात्रा का निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना और खाली सीटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। इसी के साथ ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने का समय भी बढ़ा दिया गया है। अब चार्ट ट्रेन रवाना होने से आठ घंटे पहले तैयार किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया चार घंटे पहले पूरी होती थी।
चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे नए नियम
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये बदलाव रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने और टिकट व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम रेलवे द्वारा शुरू किए गए 52 हफ्तों में 52 सुधारों के अभियान का हिस्सा है।
नए नियमों को एक से 15 अप्रैल के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और यात्रियों के लिए यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।
कालाबाजारी पर लगेगी रोक
रेलवे के अनुसार, कई बार एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और जरूरत न होने पर अंतिम समय में उन्हें रद्द कर देते थे। इससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी होती थी। नए नियमों के लागू होने से इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
कब कितना मिलेगा रिफंड
नए नियमों के तहत टिकट रद्द करने पर मिलने वाला रिफंड समय के आधार पर तय होगा।
- ट्रेन छूटने से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट रद्द करने पर तय कैंसिलेशन शुल्क काटकर लगभग पूरा पैसा वापस मिलेगा।
- 72 से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर टिकट कीमत का 25 प्रतिशत काटा जाएगा।
- 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द कराने पर कुल किराए का 50 प्रतिशत कटेगा।
- ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
काउंटर टिकट रद्द करना हुआ आसान
रेलवे ने काउंटर से लिए गए टिकटों को रद्द कराने की सुविधा भी आसान कर दी है। अब यात्री देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से काउंटर टिकट रद्द करवा सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल उसी स्टेशन तक सीमित थी, जहां से टिकट जारी किया गया था।
वहीं ई-टिकट के मामले में भी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। ऑनलाइन टिकट रद्द करते ही रिफंड की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।
इन परिस्थितियों में मिलेगा पूरा रिफंड
रेलवे ने कुछ स्थितियों में यात्रियों को पूरी राहत भी दी है। अगर ट्रेन रद्द हो जाती है या तीन घंटे से अधिक देरी से चलती है, तो यात्री को पूरा किराया वापस मिलेगा। इसी तरह यदि प्रतीक्षा सूची वाला टिकट चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म नहीं होता है, तो वह स्वतः रद्द हो जाएगा और पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने की नई सुविधा
बोर्डिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब यात्री ट्रेन रवाना होने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। यह सुविधा खासकर उन शहरों में रहने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी होगी, जहां एक ही शहर में कई रेलवे स्टेशन होते हैं। हालांकि, एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद यात्री पुराने स्टेशन से यात्रा शुरू नहीं कर पाएंगे।
रेलवे का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सीटों का बेहतर उपयोग, प्रतीक्षा सूची को कम करना और टिकट प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यदि यात्रा का कार्यक्रम बदलता है तो टिकट समय रहते रद्द कर दें, ताकि उन्हें अधिक रिफंड मिल सके।
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