वोटर सूची में बड़ा बदलाव: यूपी में 1.81 करोड़ नए मतदाता, 1.41 करोड़ हटाए गए

HIGHLIGHTS
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता पुनरीक्षण अभियान पूरी तरह से संपन्न हो गया है।
- इस प्रक्रिया में राज्य में 1,81,96,367 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1,41,76,809 अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए।
- नए मतदाता जोड़ने और पुराने हटाने के बाद कुल मतदाता संख्या बढ़कर 12,69,69,610 हो गई है, जो पिछली सूची से 40,19,558 (3.27 प्रतिशत) अधिक है।
- हटाए गए नामों में मृत, विस्थापित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं, जिनमें 53,67,410 डुप्लीकेट नाम हैं।
- राज्य निर्वाचन आयुक्त आर.पी.
- सिंह ने बताया कि नए…
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता पुनरीक्षण अभियान पूरी तरह से संपन्न हो गया है। इस प्रक्रिया में राज्य में 1,81,96,367 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1,41,76,809 अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए। नए मतदाता जोड़ने और पुराने हटाने के बाद कुल मतदाता संख्या बढ़कर 12,69,69,610 हो गई है, जो पिछली सूची से 40,19,558 (3.27 प्रतिशत) अधिक है। हटाए गए नामों में मृत, विस्थापित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं, जिनमें 53,67,410 डुप्लीकेट नाम हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर.पी. सिंह ने बताया कि नए और अपडेटेड मतदाता सूची को ई-बीएलओ एप के माध्यम से तैयार किया गया है, जिससे चुनाव में पारदर्शिता बढ़ेगी। पुनरीक्षण के दौरान विशेष ध्यान युवा मतदाताओं पर दिया गया। 18 से 23 वर्ष के ऐसे मतदाताओं की संख्या 1.05 करोड़ रही, जिनमें 15.71 लाख नए 18 वर्ष के मतदाता हैं।
मुख्य जिलों में मतदाता वृद्धि
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लखीमपुर खीरी: 1.80 लाख
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गोंडा: 1.62 लाख
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सिद्धार्थनगर: 1.61 लाख
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बहराइच: 1.29 लाख
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बलिया: 1.09 लाख
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शाहजहांपुर: 1.07 लाख
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जौनपुर: 1.04 लाख
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अलीगढ़: 1.00 लाख
23 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। जिन मतदाताओं को लगता है कि उनका नाम हटाया गया या कोई त्रुटि है, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। आपत्तियों के समाधान के बाद 6 फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
नवीनता और सुरक्षा उपाय
हर मतदाता को 9 अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर दिया जाएगा, जो उसकी पहचान का मुख्य आधार होगा। पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों पर बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा, जिससे डुप्लीकेट और फर्जी वोटिंग को रोका जा सकेगा। इस प्रक्रिया से ऑनलाइन मतदाता डेटा तुरंत अपडेट होगा और किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि कुल पुनरीक्षण प्रक्रिया का लगभग 98 प्रतिशत ई-बीएलओ एप से और शेष 2 प्रतिशत ऑफलाइन तरीके से पूरा किया गया। घर-घर जाकर मतदाता का सत्यापन किया गया, ताकि सूची पूरी तरह सटीक हो और चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
तुलनात्मक आंकड़े (पंचायत चुनाव 2021 vs पुनरीक्षण-2025)
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ग्राम पंचायत सदस्य: 7,32,643 → 7,26,141
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ग्राम पंचायत प्रधान: 58,189 → 57,694
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क्षेत्र पंचायत सदस्य: 75,845 → 75,335
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जिला पंचायत सदस्य: 3,050 → 3,021
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मतदान केंद्र: 80,750 → 79,857
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मतदान बूथ: 2,02,482 → 1,99,633
यह पुनरीक्षण राज्य में पंचायत चुनाव की पारदर्शिता और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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