यूपी में प्रधानाध्यापकों को मिलेगा बीईओ बनने का मौका, शुरू हुई प्रोन्नति की प्रक्रिया

HIGHLIGHTS
- यूपी में परिषदीय और एडेड उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को बीईओ पद पर प्रोन्नति दी जाएगी।
- बेसिक शिक्षा परिषद ने वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
- सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को सूची तैयार करने के लिए कहा गया है।
- प्रधानाध्यापकों की सेवा पुस्तिका और 10 बिंदुओं पर सेवा संबंधी जानकारी मांगी गई है।
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय और एडेड उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों को अब खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के पद पर प्रोन्नति मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। पिछले कई वर्षों से प्रधानाध्यापकों को इस पद पर प्रोन्नति नहीं मिली थी। बेसिक शिक्षा परिषद ने न्यायालय के निर्देश के बाद प्रधानाध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। परिषद ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए कहा है।
उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में अनिल कुमार वाजपेयी बनाम उप्र राज्य व अन्य मामले में प्रधानाध्यापकों को बीईओ पद पर प्रोन्नति देने का आदेश दिया गया था। आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना नोटिस भी जारी किया गया था। इस संबंध में बीते 16 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद वरिष्ठता सूची तैयार नहीं हो पाने पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी ने पत्र जारी किया है।
उन्होंने सभी एडी बेसिक को निर्देश दिया है कि जिलों में उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की सेवा पुस्तिकाएं निदेशालय को भेजी जाएं। इसके आधार पर वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। प्रधानाध्यापकों की सेवा से जुड़ी जानकारी 10 बिंदुओं पर मांगी गई है।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि उच्च प्राथमिक स्कूलों के वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों को बीईओ के पद पर प्रोन्नति मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
वर्ष 2001 से पहले प्रधानाध्यापकों को दो बार बीईओ के पद पर प्रोन्नति दी गई थी, लेकिन पिछले 25 वर्षों से उन्हें यह लाभ नहीं मिल रहा था। अब बीईओ पद पर प्रोन्नति मिलने से उन्हें उनका हक मिल सकेगा। वहीं, बीईओ के खाली पदों पर तैनाती होने से पठन-पाठन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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