मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर कारसेवा का ऐलान, प्रशासन अलर्ट

HIGHLIGHTS
- श्रीचित्रगुप्त पीठ परिसर में 9 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी।
- राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से पांच हजार टन गुलाबी पत्थर मंगाए जाने की जानकारी।
- प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर मामले को लेकर बातचीत की।
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए कारसेवा की घोषणा के बाद पुलिस और प्रशासनिक विभाग सक्रिय हो गया है। श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 9 अगस्त को कारसेवा का शंखनाद करने का ऐलान किया है।
इसके लिए राजस्थान के भरतपुर स्थित बंसी पहाड़पुर से पांच हजार टन गुलाबी पत्थर मंगाया गया है। बताया गया है कि इसी पत्थर का इस्तेमाल अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण में किया गया था। गुरुवार को पत्थर पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद खुफिया विभाग और पुलिस की नजरें आश्रम पर बनी रहीं।
प्रशासन ने विवाद से बचने की दी सलाह
स्वामी सच्चिदानंद ने गुरुवार को बताया कि बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर उन्हें न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की जानकारी दी थी और विवाद से बचने की सलाह दी थी।
उन्होंने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह का विवाद उत्पन्न नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को कारसेवा की घोषणा का कार्यक्रम श्रीचित्रगुप्त पीठ परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आश्रम परिसर में शिलापूजन और नक्काशी कार्य की शुरुआत की जाएगी।
स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि 1990 में रामलला मुक्ति आंदोलन से प्रेरणा लेकर कारसेवा की रणनीति तैयार की गई है।
आपसी समाधान से बचने का लगाया आरोप
पीठाधीश्वर ने आरोप लगाया कि शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं और वह प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का हवाला देकर मामले को उलझाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से आपसी समाधान का सुझाव दिए जाने के बावजूद मस्जिद पक्षकार इससे बच रहे हैं। इसी कारण कारसेवा का निर्णय लिया गया है।
संत समाज और धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन
कारसेवा को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज समेत सभी 13 अखाड़ों के संतों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और देश के प्रमुख कथावाचकों के समर्थन की भी बात कही गई है।
लाखों लोगों के जुड़ने का दावा
स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि 4 जुलाई को घोषणा किए जाने के बाद से अब तक लाखों कृष्ण भक्त और संत-महात्मा इस अभियान से जुड़ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को श्रीचित्रगुप्त पीठ में देशभर से आए साधु-संतों की मौजूदगी में शिला पूजन के बाद कारसेवा का शंखनाद किया जाएगा।
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