मुजफ्फरनगर: मेहताब एनकाउंटर में कामयाबी पर पुलिस टीम को एडीजी ने किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर। जिले के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात पुलिस और कुख्यात बदमाश मेहताब उर्फ ‘गलकटा’ के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने उसे मार गिराया। इस दौरान दो सिपाही गोली लगने से घायल हुए, हालांकि डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने इस सफल कार्रवाई पर पुलिस टीम को सम्मानित किया।
मेहताब शामली जिले के रसूलपुर सोंटा का रहने वाला था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसकी गिनती बड़े अपराधियों में होती थी। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली समेत कई जिलों में लूट, डकैती, रंगदारी और हत्या के 18 से अधिक मामले दर्ज थे। हाल ही में उसने बुढ़ाना के सर्राफा कारोबारी नेमचंद वर्मा के प्रतिष्ठान से करीब 10 लाख रुपये के गहने लूटे थे, जिसके बाद पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस को सूचना मिली कि मेहताब परसोली जंगल में छिपा है और किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहा है। इसके बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी देहात आदित्य बंसल के निर्देश पर थाना प्रभारी सुभाष अत्री की अगुवाई में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। देर रात करीब 11 बजे पुलिस ने मेहताब को आत्मसमर्पण का मौका दिया, लेकिन उसने पिस्टल और रिवॉल्वर से फायरिंग शुरू कर दी। करीब 20 राउंड गोलियां दोनों ओर से चलीं। जवाबी कार्रवाई में मेहताब गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
मौके से पुलिस ने एक मोटरसाइकिल, रिवॉल्वर, पिस्टल, कारतूस और लूटे गए आभूषण बरामद किए। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
शनिवार सुबह मेरठ पहुंचे एडीजी भानु भास्कर ने बुढ़ाना पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने एसएसपी और एसपी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया, जबकि थाना प्रभारी व उनकी टीम को नकद इनाम और प्रमाण पत्र दिए। एडीजी ने कहा, “पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। यूपी पुलिस अपराध मुक्त समाज की दिशा में प्रतिबद्ध है।”
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