मुजफ्फरनगर: रंगदारी के आरोपों के बाद भड़का आरडीएफ विवाद, किसानों ने घेरा एसएसपी कार्यालय

मुजफ्फरनगर। दिल्ली और नोएडा से आ रही आरडीएफ और कचरा ले जाने वाली गाड़ियों को जिलेभर में रोकने और ट्रांसपोर्टरों से रंगदारी लेने के आरोपों ने शहर में हलचल मचा दी है। हाल ही में कई ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों ने डीएम, एसएसपी और एडीएम को शिकायती पत्र सौंपकर भाकियू अराजनैतिक (भाकियू अ.) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इन आरोपों के विरोध में शनिवार को भाकियू अ. के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने एसएसपी कार्यालय का घेराव किया और घंटों धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने प्रकाश चौक, महावीर चौक, रानी लक्ष्मीबाई चौक और कलेक्ट्रेट क्षेत्र में ट्रैक्टर और कारें खड़ी कर सड़क जाम कर दी, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर शाम एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
धरना स्थल पर भाकियू अ. के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि उन्हें झूठे आरोपों में रंगदारी मांगने वाला बता कर बदनाम किया जा रहा है और पुलिस मामले की जांच करे। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि आरोप सिद्ध नहीं हुए तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में आरडीएफ के नाम पर फैक्ट्री मालिक लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने में भाकियू अ. के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेन्द्र सिंह, बाबा श्याम सिंह, चौधरी राजवीर सिंह, दिगंबर सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
इस मुद्दे ने भारतीय किसान यूनियन टिकैत और भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बीच भी शक्ति प्रदर्शन को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर दोनों संगठन एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते नजर आ रहे हैं। धर्मेन्द्र मलिक का कहना है कि आरडीएफ के नाम पर कचरा माफिया फिर सक्रिय हो गया है और जिले की हवा और जल की गुणवत्ता बिगड़ सकती है।

धरने के दौरान धर्मेन्द्र मलिक ने अपने गले में “रंगदार” की तख्ती लगाकर गांधीगिरी का प्रदर्शन किया और कहा कि यदि वे रंगदार हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। वहीं, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बिना अनुमति धरना देने और एसपी देहात के कार्यालय के सामने झंडा व बैनर लगाने पर मलिक से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं बर्दाश्त किया जाएगा और दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीर जांच कराई जाएगी।
मुजफ्फरनगर में आरडीएफ के उपयोग से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में वायु और जल प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने फैक्ट्री मालिकों को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए चेतावनी दी थी और जांच अधिकारियों की टीम गठित की थी। इस विवाद ने किसानों, ट्रांसपोर्टरों और संगठन कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और सड़क पर रुकावटों को जन्म दे दिया है।
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