मुजफ्फरनगर: नुमाइश ग्राउंड में पानी भरने से नहीं लगीं दुकानें, सड़क किनारे भी पुलिस ने हटाया

HIGHLIGHTS
- कांवड़ यात्रा के कारण करीब एक महीने से बंद था बाजार।
- नुमाइश ग्राउंड में पानी भरने से दुकानें लगाना संभव नहीं हुआ।
- दुकानदारों ने यातायात बाधित किए बिना कारोबार के लिए वैकल्पिक जगह मांगी।
मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में हर मंगलवार लगने वाला साप्ताहिक पैठ बाजार यानी मंगल बाजार मंगलवार को जलभराव के कारण नहीं लग सका। कांवड़ यात्रा के चलते करीब एक महीने तक बाजार बंद रहने के बाद दुकानदारों को उम्मीद थी कि इस मंगलवार से उनका कारोबार फिर शुरू हो जाएगा, लेकिन बारिश के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई।
मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में दुकानदार दुकानें लगाने के लिए नुमाइश ग्राउंड पहुंचे, लेकिन वहां बारिश का पानी भरा हुआ था। ग्राउंड में दुकानें लगाना संभव नहीं था। ऐसे में कई दुकानदारों ने मजबूरी में ग्राउंड के बाहर सड़क किनारे अपनी दुकानें लगानी शुरू कर दीं।
सड़क किनारे दुकान लगाने पर पुलिस ने हटाया
सड़क किनारे दुकानें लगने की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दोपहर करीब 12 बजे दुकानदारों से सड़क से दुकानें हटाने के लिए कहा। इसके बाद दुकानदारों में नाराजगी बढ़ गई और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
सूचना मिलने पर एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों से बातचीत की और सड़क से थोड़ा पीछे दुकानें लगाने का सुझाव दिया। हालांकि, दुकानदारों का कहना था कि निर्धारित जगह पर भी जलभराव और व्यवस्था की समस्या के कारण दुकानें लगाना आसान नहीं है।
एक महीने से बंद था कारोबार, अब बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
बाजार से जुड़े दुकानदारों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के कारण पहले ही एक महीने तक उनका कारोबार बंद रहा। अब बाजार दोबारा शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन नुमाइश ग्राउंड में पानी भरने के कारण दुकानें नहीं लग पा रही हैं।
दुकानदारों ने बताया कि लगातार कारोबार बंद रहने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के बच्चों की स्कूल फीस तक नहीं दी गई। उनका कहना है कि यह बाजार उनके परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य साधन है और अगर दुकानें नहीं लगेंगी तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।
दुकानदारों की मांग है कि उन्हें ऐसी जगह उपलब्ध कराई जाए, जहां वे यातायात बाधित किए बिना अपनी दुकानें लगा सकें और उनका कारोबार भी प्रभावित न हो।
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