शाहरुख-अजय-टाइगर को नोटिस के बाद FDA कमिश्नर का बड़ा बयान, बोले- किसी को नहीं बख्शेंगे

HIGHLIGHTS
- FDA कमिश्नर ने विज्ञापनदाताओं को FSSAI के नियमों का पालन करने की सलाह दी।
- भ्रामक दावों से जुड़े नियम 1 जुलाई 2019 से लागू हैं।
- नियमों के उल्लंघन पर विज्ञापनदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सरोगेट उत्पादों का प्रचार करने वाली हस्तियों के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विज्ञापन की पूरी प्रक्रिया में शामिल हर व्यक्ति जवाबदेह है।
तुकाराम मुंढे ने क्या कहा?
पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "पूरी शृंखला में हर कोई जिम्मेदार है। यह सब पर लागू होता है।" एफडीए प्रमुख ने कहा कि ये नियम सभी के लिए हैं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह बयान महाराष्ट्र एफडीए की ओर से बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची नामक कथित तंबाकू उत्पाद के विज्ञापन में ब्रांड एंडोर्सर के रूप में शामिल होने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद आया है। एफडीए का कहना है कि यह अभियान प्रतिबंधित पान मसाला या तंबाकू से जुड़े उत्पादों का अप्रत्यक्ष या परोक्ष प्रचार हो सकता है।
विज्ञापनदाताओं से क्या आग्रह किया?
तुकाराम मुंढे ने कहा कि विज्ञापन की जांच प्रतिबंधित उत्पाद के संभावित विकल्प के तौर पर की जा रही है, क्योंकि कंपनी अतीत में गुटखा बेचती पाई गई थी। उन्होंने कहा कि विज्ञापन और दावों को तैयार करने, प्रकाशित करने या प्रायोजित करने में शामिल सभी लोगों पर नियम लागू होते हैं। साथ ही उन्होंने विज्ञापनदाताओं से एफएसएसएआई के नियमों को देखने का आग्रह किया।
विनियम को लेकर क्या कहा?
पीटीआई से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह मामला खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमों के कार्यान्वयन से जुड़ा है। इनमें से एक विनियम विज्ञापन और भ्रामक दावों से संबंधित है। उन्होंने बताया कि यह विनियम 2018 में अस्तित्व में आया और 1 जुलाई 2019 से लागू हुआ।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिस उत्पाद का प्रचार कर रहा है, उसे विज्ञापन और दावों से जुड़े एफएसएसएआई के दिशानिर्देशों और नियमों का पालन करना होगा। अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मुंढे ने बताया कि एफडीए की कार्रवाई भ्रामक दावों से जुड़े नियमों पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रस्तुति, चाहे वह भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से हो, यदि ऐसे दावे को बताती, इंगित करती या सुझाती है जो सत्य नहीं है, तो वह नियमों के खिलाफ है।
नियमों के उल्लंघन पर क्या होगा?
मुंढे ने कहा कि प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। उनसे यह बताने के लिए कहा जाएगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों शुरू नहीं की जानी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र एफडीए ने कई क्विक कॉमर्स आउटलेट्स के साथ-साथ होटल, रेस्तरां, भोजनालयों और ऑनलाइन खाद्य प्लेटफॉर्मों पर छापेमारी की है।
एफडीए ने क्या कार्रवाई की?
एजेंसी ने चेंबूर स्थित मेसर्स पार्ले एग्रो के गोदाम में फ्रूटी, ऐपी और एप्पल फिज का एक्सपायर्ड स्टॉक मिलने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया। पीटीआई के अनुसार, महाराष्ट्र एफडीए ने ब्लिंकइट, ज़ेप्टो और इंस्टामार्ट सहित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े कई खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई उल्लंघनों के चलते निलंबित किए हैं।
एफडीए ने 13 अगस्त को महाराष्ट्र में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भोजन बेचने और पहुंचाने वाले 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 60 सुधार नोटिस जारी किए गए और एक प्रतिष्ठान में संचालन अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया गया।
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