मुजफ्फरनगर: फर्जी आधार कार्डो के साथ पकडे गए तीनों आरोपी भेजे जेल

मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए पहचान छिपाकर रह रहे तीन आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर चालान कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक जनसेवा केंद्र संचालक को भी आरोपी बनाया है।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए तीनों आरोपी लंबे समय से शहर के अलग-अलग इलाकों में किराए पर रह रहे थे, जिससे किरायेदार सत्यापन अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार को पुलिस ने मोहल्ला न्याजूपुरा स्थित एक मकान से खालिद उर्फ सुभाष, सद्दाम उर्फ सचिन (दोनों निवासी चांदनहेड़ी, थाना छपरौली, बागपत) और तालिब उर्फ अमन निवासी आर्यपुरी, थाना कैराना को गिरफ्तार किया था।
तलाशी के दौरान तीनों के पास से हिंदू नामों से बने फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए, जबकि वास्तविक रूप से तीनों मुस्लिम समुदाय से हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपनी असली पहचान छिपाकर रामपुरी, तावली, हरसौली, खतौला और सरवट जैसे इलाकों में किराए के मकानों में रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि हिंदू बहुल क्षेत्रों में रहने और लोगों से आर्थिक लाभ लेने के लिए वे इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे।
आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उनके फर्जी आधार कार्ड बागपत जिले के बदररखा रोड स्थित एक जनसेवा केंद्र से बनवाए गए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने जनसेवा केंद्र के संचालक को भी मामले में नामजद किया है। रविवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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