ऑपरेशन सिंदूर में चीन-पाक गठजोड़ का खुलासा, MEA बोला- हमारी जानकारी सच साबित हुई

भारत के विदेश मंत्रालय ने “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर पाकिस्तान को चीन की ओर से मिले कथित समर्थन पर चल रही रिपोर्ट्स को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हालिया मीडिया रिपोर्ट्स उन पहले से मौजूद सूचनाओं की ही पुष्टि करती हैं, जिनके अनुसार इस अभियान के दौरान चीन ने पाकिस्तान को तकनीकी सहायता दी थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार इस बात से अवगत थी कि चीन की ओर से पाकिस्तान को सहायता मिलने की खबरें पहले से सामने आ रही थीं, और अब हालिया रिपोर्ट्स उसी जानकारी की पुष्टि कर रही हैं। उन्होंने दोहराया कि “ऑपरेशन सिंदूर” पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई एक सटीक कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे को निष्क्रिय करना था।
चीन का नाम लिए बिना विदेश मंत्रालय ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो देश खुद को जिम्मेदार बताते हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि आतंकवाद से जुड़े ढांचे को समर्थन देना उनकी वैश्विक छवि पर क्या असर डालता है। भारत ने दोहराया कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन स्वीकार्य नहीं है और ऐसे कदमों पर लगातार सवाल उठते रहेंगे।
इस बीच, क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर भी मंत्रालय ने जानकारी साझा की। तनावपूर्ण हालात के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे 11 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुके हैं, जबकि 13 जहाज अभी फारस की खाड़ी क्षेत्र में अपनी आगे की यात्रा के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।
ब्रिक्स देशों की आगामी बैठक को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। भारत 14 और 15 मई 2026 को विदेश मंत्रियों की अहम बैठक की मेजबानी करेगा, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। इस बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात प्रस्तावित है। बैठक में वैश्विक शासन सुधार, सहयोग और स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बावजूद दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि हाल ही में दोनों देशों के उच्च स्तरीय दौरों और बैठकों ने संबंधों को और गति दी है।
नेपाल के साथ संबंधों को लेकर भी भारत ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक रिश्ते हैं। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत हुई है और आगे की उच्च स्तरीय यात्राओं की तारीखें दोनों देशों की सहमति से तय की जाएंगी। भारत ने नेपाल के साथ अपने पुराने और मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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