ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर यूपी रोडवेज की 26 अतिरिक्त ट्रिप का विरोध, उत्तराखंड कर्मचारी परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी

HIGHLIGHTS
- उत्तराखंड रोडवेज इस मार्ग पर सुबह 4 बजे से रात 12:30 बजे तक बसें चला रहा है।
- परिषद के अनुसार, ग्रीन एक्सप्रेस-वे से निगम को रोज करीब 40 लाख रुपये की आय हो रही है।
- संगठन ने 24 अगस्त की प्रस्तावित बैठक को रद्द करने की मांग की है।
देहरादून। देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को 26 अतिरिक्त ट्रिप देने के प्रस्ताव के खिलाफ उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विरोध जताया है। परिषद ने उत्तराखंड परिवहन निगम प्रबंधन को नोटिस भेजकर 24 अगस्त को प्रस्तावित बैठक को तत्काल रद्द करने और इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रिप के लिए समय नहीं देने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
परिषद के प्रदेश महामंत्री दिनेश चंद पंत की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि उत्तराखंड परिवहन निगम वर्तमान में ग्रीन एक्सप्रेस-वे के माध्यम से वोल्वो, वातानुकूलित और अन्य बस सेवाओं का संचालन सुबह करीब चार बजे से रात साढ़े 12 बजे तक कर रहा है। इस मार्ग से निगम को रोजाना करीब 40 लाख रुपये की आय हो रही है।
परिषद का कहना है कि इसी मार्ग पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 26 अतिरिक्त प्रस्थान समय देना उत्तराखंड निगम के आय-सृजक मार्ग को सीधे प्रभावित करेगा। संगठन के अनुसार, ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के लिए कोई बस अड्डा, बस स्टेशन या निर्धारित स्टॉप नहीं है। ये बसें उत्तर प्रदेश की भौगोलिक सीमा से होकर गुजरते हुए मुख्य रूप से उत्तराखंड से दिल्ली तक यात्रियों को ले जाती हैं। परिषद ने इसे पारस्परिक परिवहन करार की भावना के विपरीत बताया है।
परिषद ने अन्य मार्गों पर बस संचालन को लेकर चल रहे विवादों का भी उल्लेख किया है। संगठन के मुताबिक, उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को जून और जुलाई 2026 का वेतन अभी तक नहीं मिला है और अगस्त का महीना भी समाप्त होने की ओर है। इससे कर्मचारियों के बीच आर्थिक संकट और नाराजगी बढ़ रही है।
परिषद ने मांग की है कि ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर अतिरिक्त प्रस्थान समय देने के प्रस्ताव को रद्द किया जाए। इसके अलावा दोनों राज्यों में बस संचालन की असमान परिस्थितियों की समीक्षा कर पारस्परिकता सुनिश्चित की जाए। मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं होने पर संगठन ने लोकतांत्रिक और संगठित आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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