उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही, मकान ढहा; 3 लोगों के मलबे में दबने की सूचना, 91 सड़कें बंद

HIGHLIGHTS
- मेहरगांव में बारिश से मकान ढहने के बाद रेस्क्यू अभियान जारी।
- सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे की स्थिति में पहुंचा।
- कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास पहाड़ी से भारी मलबा आया।
कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में भारी बारिश के चलते एक मकान ढह गया। हादसे में तीन लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। बचाव दल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में जुटा है। प्रदेश के कई जिलों में सोमवार सुबह से ही भारी बारिश का दौर जारी है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है। सरुड़ा गांव में पंचायत घर और खोह नदी के किनारे बने घरों पर भी खतरा बना हुआ है।
लंगूरगाड़ नदी के बढ़े प्रवाह से सुभाष बाजार वार्ड का कंडवाल मोहल्ला भी खतरे की स्थिति में है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। एनएच-534 पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने के कारण यातायात ठप हो गया है। रपटे में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
उर्गम घाटी में कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भूस्खलन
ज्योतिर्मठ की उर्गम घाटी में स्थित पांचवें केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी से आया मलबा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जमा हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मंदिर क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है।
मलबा आने के कारण मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। फिलहाल श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। मलबा हटने के बाद ही मंदिर तक जाने का रास्ता साफ हो सकेगा। बारिश के कारण क्षेत्र में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद
मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून और टिहरी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दोनों जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।
डीएम ने देहरादून में सोमवार को स्कूलों में अवकाश के आदेश जारी किए हैं। जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।
राज्य में दो राज्यमार्ग समेत 91 सड़कें बंद
भूस्खलन और अन्य कारणों से राज्य में दो राज्यमार्ग समेत 91 सड़कें बंद हैं। इसके कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा में पांच, बागेश्वर में 12, चमोली में 15 और चंपावत में एक मार्ग बंद है। देहरादून में सात, नैनीताल में 12, पौड़ी में पांच, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में सात तथा टिहरी और उत्तरकाशी में आठ-आठ मार्ग बंद हैं।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। उत्तरकाशी में सोमवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान 2.65 मीटर नीचे था।
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