पेट्रोल-डीजल बचाएं, सोना न खरीदें: 24 घंटे में दूसरी बार PM मोदी की अपील

HIGHLIGHTS
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील की है।
- वडोदरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर संकटों में से एक है।
- पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि जैसे भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान चुनौतियों से उबरकर आगे बढ़ने का रास्ता निकाला था, वैसे ही यह वैश्विक संकट भी समय के साथ संभल जाएगा।
- उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत हिस्सेदार बनाने की दिशा में लगातार…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील की है। वडोदरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर संकटों में से एक है। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि जैसे भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान चुनौतियों से उबरकर आगे बढ़ने का रास्ता निकाला था, वैसे ही यह वैश्विक संकट भी समय के साथ संभल जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत हिस्सेदार बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे देश की आर्थिक मजबूती और बढ़ेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘सरदारधाम-3’ शैक्षणिक परिसर का उद्घाटन किया और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सोमनाथ मंदिर और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह दिन किसी पवित्र अवसर से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से पहले वे सोमनाथ मंदिर भी गए थे, जहां उन्हें सोमनाथ मंदिर की पुनः प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित अमृत महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विचार सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रेरित था। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की मजबूती का प्रतीक बताया।
ईंधन और खर्च में संयम की अपील
पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे ईंधन की खपत कम करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और संभव हो तो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आयात पर निर्भरता घटाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लोग गैर-जरूरी खर्चों, विशेषकर विदेशी मुद्रा से जुड़े खर्चों, जैसे सोने की खरीद को फिलहाल टालने पर विचार करें। पीएम ने कहा कि जब देश किसी बड़े संकट का सामना करता है, तब नागरिक हमेशा जिम्मेदारी के साथ सहयोग करते हैं, और आज भी उसी भावना की जरूरत है।
छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे छोटी-छोटी बूंदें मिलकर घड़ा भरती हैं, वैसे ही व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे प्रयास भी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करने और सोच-समझकर खर्च करने की आदत अपनानी चाहिए, ताकि बाहरी दबावों का असर देश की विकास गति पर न पड़े।
देश में पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील
पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वे अपनी छुट्टियां देश के भीतर ही बिताएं। उन्होंने कहा कि भारत में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की कोई कमी नहीं है। विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसी प्रवृत्तियों के कारण बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जिसे कम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत के भीतर यात्रा करने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नई पीढ़ी को देश की विरासत को करीब से समझने का अवसर भी मिलेगा।
युवाओं और स्टार्टअप पर जोर
प्रधानमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि अप्रेंटिसशिप के माध्यम से उन्हें बेहतर अवसर दिए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में एक मजबूत और कुशल कार्यबल तैयार होगा।
उन्होंने गुजरात के युवाओं की उद्यमशीलता की सराहना की और कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल छोटे शहरों के युवाओं को भी नए अवसर दे रही है। आज कई युवा अपने विचारों को स्टार्टअप में बदल रहे हैं और महिलाएं भी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
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