लाल किले से PM मोदी का चौथा सबसे छोटा भाषण, जानें कब-कितना लंबा रहा उनका संबोधन

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने 2015 में नेहरू के 72 मिनट के भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा था।
- 2017 में पीएम मोदी का भाषण 56 मिनट का रहा, जो उनका सबसे छोटा भाषण है।
- नेहरू ने 1947 से 1964 तक 17 बार लाल किले पर तिरंगा फहराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित कर रहे हैं। पिछले साल पीएम मोदी ने करीब 103 मिनट लंबा भाषण दिया था, जो किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सबसे लंबा भाषण रहा। इससे पहले भी पीएम मोदी ने 98 मिनट का भाषण देकर रिकॉर्ड बनाया था।
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा था। लाल किले से दिए गए भाषणों और स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने को लेकर कई अहम तथ्य हैं।
अब तक सिर्फ एक बार एक घंटे से कम बोले प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी अब तक कुल 11 बार लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। केवल एक बार उनका भाषण एक घंटे से कम रहा। वर्ष 2017 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण 56 मिनट का था। यह उनका अब तक का सबसे छोटा भाषण है।
किस स्वतंत्रता दिवस पर कितने मिनट बोले मोदी?
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार लाल किले से देश को संबोधित किया था। उस समय उन्होंने 65 मिनट तक भाषण दिया। इसके बाद 2015 में उन्होंने 86 मिनट तक देश को संबोधित किया।
जब देश आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा था, उस दौरान पीएम मोदी ने लाल किले से 94 मिनट तक भाषण दिया। यह प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान लाल किले से दिया गया सबसे लंबा भाषण रहा।
वर्ष 2017 में पीएम मोदी ने 57 मिनट, 2018 में 82 मिनट और 2019 में 92 मिनट तक देश को संबोधित किया। इसके बाद 2020 में 86 मिनट, 2021 में 88 मिनट, 2022 में 83 मिनट और 2023 में 90 मिनट तक उन्होंने लाल किले से भाषण दिया।
2015 में नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था। नेहरू ने वर्ष 1947 में लाल किले से 72 मिनट लंबा भाषण दिया था।
सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड नेहरू के नाम
जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। लाल किले की प्राचीर से सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने का अवसर उन्हें ही मिला। नेहरू वर्ष 1947 से 1964 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर 17 बार झंडा फहराया।
इस मामले में दूसरे नंबर पर भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री और जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी हैं। उन्होंने लाल किले पर 16 बार राष्ट्रध्वज फहराया। लाल किले पर तिरंगा फहराने के मामले में तीसरे नंबर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। दोनों नेताओं ने 10 बार लाल किले पर झंडा फहराया है।
इन प्रधानमंत्रियों ने कभी नहीं फहराया लाल किले पर तिरंगा
भारतीय इतिहास में दो ऐसे प्रधानमंत्रियों का नाम भी दर्ज है, जिन्हें लाल किले पर तिरंगा फहराने का अवसर नहीं मिला। इनमें गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर शामिल हैं।
गुलजारी लाल नंदा दो बार 13-13 दिन के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। पहली बार जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद 27 मई, 1964 को वह 13 दिन के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने थे। दूसरी बार लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद 11 जनवरी, 1966 को वह फिर 13 दिन के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इस तरह प्रधानमंत्री के तौर पर उनका पूरा कार्यकाल 26 दिनों का रहा।
वहीं, गुलजारीलाल नंदा के बाद चंद्रशेखर दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्हें लाल किले की प्राचीर से झंडा फहराने का अवसर नहीं मिला। वह 10 नवंबर, 1990 से 21 जून, 1991 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।
किस प्रधानमंत्री ने कितनी बार फहराया लाल किले पर तिरंगा?
भारत को परमाणु शक्ति से संपन्न राष्ट्र बनाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए कुल छह बार लाल किले से तिरंगा फहराया।
राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव ने पांच-पांच बार, मोरारजी देसाई ने दो बार, जबकि चौधरी चरण सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, एचडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल ने एक-एक बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया।
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