श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगे के रंग में रंगा पर्यटक, देशभक्ति के साथ दिया शांति का संदेश

HIGHLIGHTS
- अहमदाबाद से आए अरुण हरयाणी हर साल कश्मीर आने की बात कही।
- उन्होंने कश्मीर में विकास के साथ वंदे भारत ट्रेन और चिनाब ब्रिज का जिक्र किया।
- अरुण ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
भारत 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में देशभक्ति का अलग रंग देखने को मिला। गुजरात के अहमदाबाद से आए पर्यटक अरुण हरयाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर श्रीनगर के लाल चौक पर अपने शरीर को तिरंगे के रंगों में रंगा और राष्ट्रीय ध्वज लहराया।
एएनआई से बातचीत में अरुण हरयाणी ने कहा कि वह स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हैं। उन्होंने बताया कि वह हर साल यहां आते हैं और हर गुजरते साल के साथ उन्हें कश्मीर में विकास दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब यहां वंदे भारत ट्रेन पहुंचती है और चिनाब ब्रिज भी है।
अरुण हरयाणी ने कहा कि वह शांति और भाईचारे का संदेश फैलाते हैं और कश्मीर तरक्की कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 2030 में भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स होंगे और वह सभी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कश्मीर में बहुत प्यार मिल रहा है।
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने परेड की सलामी ली। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार देशवासियों को संबोधित किया। उनका संबोधन करीब 76 मिनट तक चला। इसमें उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में देश में हुई प्रगति का जिक्र किया।
युवाओं के लिए पीएम मोदी के बड़े ऐलान
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, एआई, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और खेलों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।
आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई स्किल देने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने और 5 से 15 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.