नगर निकाय चुनाव से पहले सियासी तकरार, भाजपा का अजित पवार पर पलटवार

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम को लेकर उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भ्रष्टाचार और कर्ज से जुड़े आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा जवाब दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अजित पवार को खुद के राजनीतिक रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए।
शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए चव्हाण ने कहा कि अगर भाजपा भी आरोपों का सिलसिला शुरू कर दे, तो उपमुख्यमंत्री के लिए स्थिति असहज हो सकती है। उन्होंने अजित पवार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि उनके आरोप किसके खिलाफ हैं और क्या उनका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की ओर है।
चुनावी माहौल में बयानबाजी को बताया रणनीति
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह बयान नगर निगम चुनावों से ठीक पहले सामने आया है, जिससे इसके पीछे की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम 2017 से 2022 तक भाजपा के प्रशासन में रहा, जिसके बाद वहां प्रशासक की नियुक्ति हुई। आगामी 15 जनवरी को नगर निगम चुनाव प्रस्तावित हैं।
चव्हाण ने कल्याण-डोंबिवली सहित कई स्थानों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के गठबंधन से विपक्ष लगभग हाशिये पर चला गया है।
टिकट विवाद पर अजित पवार का पक्ष
इससे पहले अजित पवार ने नगर निकाय चुनावों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को टिकट दिए जाने को लेकर सफाई दी थी। उनका कहना था कि जब तक किसी को अदालत दोषी साबित न करे, तब तक उसे अपराधी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने अपने ऊपर लगे कथित 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के आरोपों का उदाहरण भी दिया।
हालांकि, एनसीपी द्वारा गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद और जेल में बंद कुछ लोगों को टिकट देने के फैसले ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।
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