मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा था केस

HIGHLIGHTS
- स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
- भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को मानहानि का परिवाद दाखिल किया था।
- राहुल गांधी को फरवरी 2024 में अदालत से जमानत मिली थी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सुबह करीब 11:19 बजे दीवानी न्यायालय स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंचे। उनके अदालत में दाखिल होते ही अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया। कर्नाटक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने राहुल गांधी को मामले में बरी कर दिया। फैसला आने तक कार्यकर्ताओं के बीच बेचैनी बनी रही।
मानहानि मामले में अब तक की प्रमुख घटनाएं
4 अगस्त 2018: सहकारी बैंक के तत्कालीन चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया।
27 नवंबर 2023: अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए तलब किया।
20 फरवरी 2024: राहुल गांधी अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिल गई।
26 जुलाई 2024: अदालत में राहुल गांधी का बयान दर्ज किया गया।
20 फरवरी 2026: मामले में उनका बयान दोबारा दर्ज हुआ।
2 मई 2026: अदालत ने वॉयस सैंपल के मिलान से संबंधित अर्जी खारिज कर दी।
13 अक्टूबर 2026: दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की।




















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