‘टाटा समूह को सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा’, राहुल गांधी का बड़ा आरोप

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने टाटा समूह को लेकर सोशल मीडिया पर आरोप लगाए।
- टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने नियुक्ति प्रस्ताव को चुनौती दी है।
- एन. चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव 17 सितंबर को पारित हुआ था।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को टाटा समूह को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा समूह को सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश का कोई भी कारोबारी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कथित अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस के नेतृत्व को लेकर विवाद जारी है। इस मामले में टाटा ट्रस्ट्स के पदाधिकारियों के बीच मतभेद सामने आए हैं और विवाद अब टाटा संस के निदेशक मंडल तक पहुंच गया है।
टाटा संस के चेयरमैन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद
दरअसल, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्त करने के प्रस्ताव को चुनौती दी है। यह प्रस्ताव 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था।
टाटा संस, टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल है। कंपनी के नेतृत्व को लेकर चल रहे इस विवाद ने समूह के भीतर मतभेदों को सामने ला दिया है।
राहुल गांधी ने सरकार पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि टाटा समूह को कथित तौर पर आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी कारोबारी नेता इस मुद्दे पर बोलने की हिम्मत नहीं दिखा रहा है।
उन्होंने कारोबारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वे आखिर कब तक खामोश रहेंगे और क्या तब अपनी आवाज उठाएंगे, जब सब कुछ उनके हाथ से निकल जाएगा?
राहुल गांधी ने आगे कहा कि भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का निजी खिलौना नहीं है। उन्होंने कहा, 'आपमें हिम्मत नहीं है, लेकिन हममें है। हम इन अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे।'
सरकार और टाटा समूह की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
राहुल गांधी के इन आरोपों पर केंद्र सरकार और टाटा समूह की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
फिलहाल, टाटा संस के नेतृत्व को लेकर जारी विवाद और राहुल गांधी के बयान ने कारोबारी जगत में इस मुद्दे पर चल रही चर्चा को और तेज कर दिया है।
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