कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को झटका, भाजपा-जेडीएस ने चारों सीटें जीतीं

HIGHLIGHTS
- बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एपी रंगनाथ ने पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया।
- उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर शशिल जी नामोशी ने पांचवीं बार जीत दर्ज की।
- दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर केएम सुरेश ने 23,098 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। विपक्षी दल भाजपा और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा ने अपनी तीनों सीटें बरकरार रखीं, जबकि जेडीएस ने बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस से छीन लिया।
इन नतीजों को भाजपा और जेडीएस के बीच बेहतर चुनावी तालमेल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, चुनाव परिणामों से राज्य की कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का एक और मौका मिल गया है।
बंगलूरू शिक्षक सीट पर जेडीएस की जीत
बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के समर्थन से चुनाव लड़ रहे जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को 908 वोटों से पराजित किया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना के खाते में 9,902 वोट आए।
पुट्टन्ना ने 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले जेडीएस छोड़कर कांग्रेस में प्रवेश किया था। इस सीट पर दोनों उम्मीदवार वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
भाजपा ने तीन सीटों पर बरकरार रखा कब्जा
उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के मौजूदा एमएलसी शशिल जी नामोशी ने कांग्रेस के उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को हराया। नामोशी को 15,596 वोट मिले, जबकि मत्तूर को 12,299 वोट प्राप्त हुए। इस तरह नामोशी ने 3,297 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
इस सीट पर नामोशी की यह पांचवीं जीत है। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के आसपास के जिले शामिल हैं। कलबुर्गी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह क्षेत्र है।
दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के केएम सुरेश ने कांग्रेस प्रत्याशी शशि हुलिकुंटे मठ को 23,098 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
वहीं, पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के मौजूदा एमएलसी एसवी संकनूर ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिम्बिकाई को 9,323 वोटों से शिकस्त दी। संकनूर को 33,711 वोट मिले, जबकि लिम्बिकाई को 24,388 वोट प्राप्त हुए।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
चारों निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। चुनाव की परंपरा के अनुसार, मतपत्रों के जरिए वोट डाले गए। बंगलूरू शिक्षक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम मंगलवार को घोषित किए गए, जबकि बाकी दो सीटों पर मतगणना रातभर जारी रही।
इन चुनावों को भाजपा और जेडीएस के गठबंधन के बीच तालमेल की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा था। दोनों दलों के सामने यह साबित करने की चुनौती थी कि वे एक-दूसरे के उम्मीदवारों के समर्थन में अपने मतदाताओं के वोट स्थानांतरित कराने में सफल हो सकते हैं।
विधान परिषद में कांग्रेस के पास 38 सदस्य
कर्नाटक विधान परिषद में कुल 75 सीटें हैं। फिलहाल कांग्रेस के 38, भाजपा के 24 और जेडीएस के छह सदस्य हैं। सदन में एक निर्दलीय सदस्य और सभापति सलीम अहमद भी हैं। सरकार की ओर से मनोनयन के लिए निर्धारित पांच सीटें अभी खाली हैं।
इन रिक्त सीटों पर मनोनयन होने के बाद कांग्रेस की सदस्य संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में मौजूदा चुनाव परिणामों से विधान परिषद में सत्ता के समग्र समीकरण पर बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, चारों सीटों पर विपक्षी गठबंधन की जीत कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक हमले तेज करने का आधार बन सकती है।
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