रिजिजू का दावा- राहुल गांधी और कई कांग्रेस नेताओं का उग्रवादियों से संबंध

देश में नक्सलवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके कुछ वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर बढ़ गया है।
राहुल गांधी और वामपंथी उग्रवाद
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने वामपंथी उग्रवादियों के साथ संपर्क बनाए रखा और उन्हें जाना है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, जबकि कुछ नेताओं पर इसके उलट आरोप हैं।
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से यह भी कहा कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ नेता वामपंथी उग्रवादियों से जुड़े थे और राहुल गांधी उन्हें जानते हैं। हालांकि, रिजिजू ने अभी तक इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया।
माओवादियों से संपर्क का आरोप
रिजिजू ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात की और उनके संपर्क में रहे। उन्होंने इसे गंभीर बताया और कहा कि यह सीधे देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसकी जांच जरूरी है।
नक्सलवाद पर केंद्र का दावा
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे पहले नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले इलाके अब विकास की राह पर हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल
रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उनका कहना था कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या नक्सलियों ने की, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका थी। उन्होंने पार्टी पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।
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