रीतू तावड़े होंगी मुंबई की नई मेयर, शिवसेना के संजय घाड़ी बनेंगे डिप्टी मेयर

भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई महापौर पद के लिए रितु तावड़े के नाम का ऐलान कर दिया है। इस बार महापौर का पद खुली श्रेणी में महिलाओं के लिए आरक्षित है, ऐसे में मुंबई को एक बार फिर महिला महापौर मिलने जा रही हैं। खास बात यह है कि यह पहली बार होगा जब मुंबई महानगरपालिका में भाजपा का महापौर बनेगा। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा की। वहीं, उप महापौर पद के लिए शिवसेना (शिंदे गुट) के संजय शंकर घाड़ी का नाम तय किया गया है, जिसकी जानकारी शिवसेना नेता राहुल शेवाले ने दी।
महायुति के उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही
भाजपा की महापौर प्रत्याशी रितु तावड़े घाटकोपर से तीन बार पार्षद रह चुकी हैं और शिक्षा समिति की अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुकी हैं। दूसरी ओर, शिवसेना ने वार्ड नंबर 5 मागाथाने से पार्षद संजय शंकर घाड़ी को उप महापौर पद के लिए आगे किया है। नगर निगम में महायुति के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण महापौर और उप महापौर दोनों पदों पर गठबंधन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
डेढ़ साल तक उप महापौर रहेंगे संजय घाड़ी
शिवसेना ने साफ किया है कि संजय शंकर घाड़ी लगभग सवा साल तक उप महापौर पद संभालेंगे। पार्टी सचिव संजय मोरे ने बताया कि घाड़ी 15 महीनों तक इस जिम्मेदारी में रहेंगे। गौरतलब है कि घाड़ी पहले शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ पार्षदों में शामिल थे, लेकिन बाद में उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया था। उप महापौर पद के कार्यकाल को बांटकर शिवसेना अपने अन्य पार्षदों को भी मौका देना चाहती है।
11 फरवरी को होंगे महापौर चुनाव
महापौर और उप महापौर पदों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 7 फरवरी तय की गई है। इसके बाद 11 फरवरी को चुनाव कराए जाएंगे। भाजपा-शिवसेना गठबंधन दोनों पदों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामांकन भरेगा। इस दौरान सभी पार्षदों की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतार सकती हैं।
बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
हाल ही में हुए बृहन्मुंबई नगर निगम के चुनावों में 227 सदस्यीय सदन में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। शिवसेना ने 29 सीटें हासिल की हैं। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक हैं।
वहीं शिवसेना (यूबीटी), जिसने 1997 से करीब 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया, इस चुनाव में 65 सीटों पर सिमट गई। उसके सहयोगी एमएनएस को छह और एनसीपी (शरद पवार गुट) को एक सीट मिली। कांग्रेस ने 24, एआईएमआईएम ने आठ, एनसीपी (अजीत पवार गुट) ने तीन और समाजवादी पार्टी ने दो सीटें जीतीं। नौ साल बाद हुए इस चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवार भी जीतकर आए हैं।
गौरतलब है कि बीएमसी देश का सबसे समृद्ध नगर निकाय है। वर्ष 2025-26 के लिए इसका बजट 74,450 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो कई छोटे राज्यों के बजट से भी अधिक है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.