मुजफ्फरनगर में रोडवेज कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुजफ्फरनगर डिपो के वर्कशॉप परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें ट्रैफिक, स्टेशन और वर्कशॉप शाखा से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी मांगें और नाराजगी खुलकर व्यक्त की।
निजी बसों और डग्गामारी पर जताया विरोध
धरने के दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर चल रही निजी बसों के कथित अवैध संचालन पर गंभीर आपत्ति जताई। साथ ही छोटी गाड़ियों द्वारा की जा रही डग्गामारी पर भी चिंता जताई गई। कर्मचारियों का कहना है कि कई निजी बसें परमिट शर्तों का उल्लंघन कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

निजीकरण के प्रस्ताव पर नाराजगी
कर्मचारियों ने परिवहन निगम के निजीकरण और वर्कशॉप को निजी हाथों में सौंपने की संभावित योजनाओं का कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित होगा और आम जनता को सस्ती व बेहतर परिवहन सेवाएं नहीं मिल पाएंगी।
प्रमुख मांगें रखीं
धरने में कर्मचारियों ने कई मांगें उठाईं, जिनमें एक्सप्रेसवे मार्गों को राष्ट्रीयकृत घोषित करना, इलेक्ट्रिक बसों से होने वाले घाटे की भरपाई सरकार द्वारा करना, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नियमावली, नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, बकाया भत्तों का भुगतान और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि 19 मई तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 20 मई को बड़े स्तर पर क्षेत्रीय रैली और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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