रोहतक के डी-पार्क बाजार में भीषण आग, 12 दुकानों तक फैली लपटें; 3 की मौत

रोहतक। शहर के डी-पार्क बाजार में मंगलवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। आग की शुरुआत एक जूते के शोरूम से हुई, जो तेजी से फैलते हुए आसपास की करीब 12 दुकानों तक पहुंच गई। इस हादसे में जूते के शोरूम से तीन शव बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है।
सूचना के अनुसार, आग लगने के बाद कपिल, रोहन, सौरभ और अमन नाम के चार युवकों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है। आशंका है कि ये सभी आग की चपेट में आ सकते हैं।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एसी के कंप्रेसर में विस्फोट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कपड़े और जूतों जैसे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पूरे इलाके को धुएं ने अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बाजार को खाली कराया। हालात पर काबू पाने के लिए रोहतक के साथ-साथ बहादुरगढ़, झज्जर, जींद, भिवानी और गोहाना से भी दमकल वाहनों को बुलाया गया। देर शाम तक करीब 25 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं।
आग लगते ही बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दुकानदार अपनी दुकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए, जबकि कई लोग आग बुझाने की कोशिश करते रहे। मौके पर पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सामने कई व्यापारी भावुक हो गए।
स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शुरुआत में दमकल की एक ही गाड़ी मौके पर पहुंची, जिससे आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका और नुकसान बढ़ गया। बाद में अतिरिक्त टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटीं।
एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर राहत कार्य में लगी हुई हैं। फिलहाल क्षेत्र को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और दुकानों के भीतर प्रवेश में काफी दिक्कत आ रही है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, 2016 के बाद यह पहली बार है जब डी-पार्क बाजार इतनी बड़ी आग की चपेट में आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
रोहतक प्रशासन ने कहा है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान और संभावित जनहानि का सही आकलन किया जा सकेगा।
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