रूस ने टेलीग्राम संस्थापक पावेल डुरोव को इंटरनेशनल वांटेड लिस्ट में डाला, आतंकवाद का आरोप

HIGHLIGHTS
- रूस ने टेलीग्राम संस्थापक पावेल डुरोव पर आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाते हुए उनका नाम इंटरनेशनल वांटेड लिस्ट में शामिल किया।
- रूसी सुरक्षा एजेंसी ने आरोप लगाया कि टेलीग्राम के कुछ चैनल और बॉट्स का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए किया गया।
- दोषी पाए जाने पर डुरोव को उम्रकैद की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
मास्को। रूस ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए हैं और उनका नाम इंटरनेशनल वांटेड लिस्ट में शामिल कर दिया है। यह कार्रवाई रूस की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा एजेंसी की ओर से की गई है।
आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप
रूसी एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि टेलीग्राम प्रशासन ने रूस में कई ऐसे चैनल, चैट और बॉट्स को नहीं हटाया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों, आतंकी और चरमपंथी संगठनों द्वारा नुकसान पहुंचाने, आतंकवादी गतिविधियों, सामूहिक हत्या और साइबर धोखाधड़ी जैसी घटनाओं की तैयारी और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जाता है।
कौन हैं पावेल डुरोव?
रूस में जन्मे पावेल डुरोव पर ये आरोप ऐसे समय लगाए गए हैं, जब रूस ने देश के प्रमुख मैसेजिंग एप्स में शामिल टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाए हैं। 41 वर्षीय डुरोव ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि रूसी अधिकारियों ने उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है।
डुरोव पर क्या हैं आरोप?
डुरोव ने आरोप लगाया था कि रूसी अधिकारी निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों को दबाने के प्रयास के तहत टेलीग्राम तक पहुंच को रोकने के लिए गलत कारणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
यदि इस मामले में डुरोव दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें उम्रकैद की सजा का सामना करना पड़ सकता है। पावेल डुरोव के पास संयुक्त अरब अमीरात और फ्रांस की नागरिकता भी है।
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