शामली: भैंस बीमा क्लेम न देने पर कंपनी पर 90 हजार का जुर्माना

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में भैंस की मौत के बाद बीमा राशि न देने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने कंपनी की लापरवाही मानते हुए उस पर कुल 90 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया और पीड़ित को बीमा क्लेम राशि ब्याज सहित देने का निर्देश दिया।
बीमा कराया, लेकिन क्लेम नहीं मिला
टिटौली गांव निवासी मोहित कुमार ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने 4 फरवरी 2019 को अपनी भैंस का बीमा पशुधन बीमा योजना के तहत 282 रुपये प्रीमियम देकर कराया था। पशु चिकित्साधिकारी कंडेला की सलाह पर उन्होंने बीमा कंपनी से संपर्क किया था।
मोहित के अनुसार कंपनी ने उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था और आश्वासन दिया था कि जल्द पॉलिसी जारी कर दी जाएगी। बाद में कंपनी ने यह भी कहा कि प्रस्ताव पत्र को ही पॉलिसी माना जाएगा।
मौत के बाद भी टालमटोल
शिकायतकर्ता ने बताया कि 12 जनवरी 2020 को उनकी भैंस की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना बीमा कंपनी को दी गई, जिसके बाद कंपनी की ओर से जांच कराई गई। इस दौरान भैंस की तस्वीरें ली गईं और पशु चिकित्साधिकारी से पोस्टमार्टम भी कराया गया।
सभी जरूरी दस्तावेज जमा कराने के बावजूद कंपनी ने लंबे समय तक क्लेम पर कोई निर्णय नहीं लिया। बाद में 9 दिसंबर 2020 को मोहित कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके जवाब में कंपनी ने कहा कि सब्सिडी समय पर न मिलने के कारण बीमा उस समय प्रभावी नहीं था।
आयोग का सख्त आदेश
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने शिकायत को सही ठहराया। आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह 50 हजार रुपये की बीमा राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे।
इसके अलावा मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानी के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 20 हजार रुपये का अतिरिक्त दंड भी लगाया गया।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि दंड की राशि नियमानुसार सरकारी कोष में जमा की जाएगी। साथ ही कंपनी को 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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