क्रिकेट से दूरी, शूटिंग में एंट्री: बांग्लादेश की दोहरी नीति उजागर

टी20 विश्व कप 2026 को लेकर भारत की सुरक्षा पर सवाल उठाने वाला बांग्लादेश अब खुद अपने फैसलों में उलझता नजर आ रहा है। बांग्लादेशी अखबार डेली सन की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अगले महीने नई दिल्ली में होने वाली एशियन राइफल और पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप में अपनी राष्ट्रीय टीम के शामिल होने की मंजूरी दे दी है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब इसी बांग्लादेश ने कुछ ही समय पहले सुरक्षा का हवाला देकर टी20 विश्व कप 2026 में भारत आने से इनकार कर दिया था।
शूटिंग टीम को मिली आधिकारिक अनुमति
बांग्लादेश के युवा एवं खेल मंत्रालय ने सरकारी आदेश जारी कर 2 से 14 फरवरी तक होने वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने की स्वीकृति दी है। पहले इस दौरे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन अब इसे औपचारिक हरी झंडी मिल गई है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि शूटिंग प्रतियोगिता पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित होगी, इसलिए इसमें किसी तरह का जोखिम नहीं है।
‘इनडोर वेन्यू होने से कोई खतरा नहीं’
युवा एवं खेल सचिव मोहम्मद महबूब-उल-आलम ने कहा कि आयोजन स्थल एक सुरक्षित इनडोर परिसर है और टीम भी बेहद छोटी है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश की ओर से केवल एक खिलाड़ी और एक कोच भाग लेंगे। आयोजकों ने भी पर्याप्त सुरक्षा का भरोसा दिया है, इसी कारण सरकार ने दौरे को मंजूरी दी।
राबिउल इस्लाम करेंगे बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व
इस चैंपियनशिप में बांग्लादेश की तरफ से शीर्ष निशानेबाज राबिउल इस्लाम उतरेंगे। उनके साथ राष्ट्रीय कोच शारमिन अख्तर रहेंगी। टीम 31 जनवरी को नई दिल्ली पहुंचेगी, जबकि राबिउल इस्लाम 5 फरवरी को मुकाबले में हिस्सा लेंगे। नौसेना से जुड़े होने के कारण राबिउल भारत में सीमित अवधि तक बिना वीजा के रह सकते हैं, जबकि कोच को वीजा लेना होगा।
क्रिकेट में सुरक्षा का बहाना, शूटिंग में नहीं
बांग्लादेश सरकार का यह फैसला सवाल खड़े करता है, क्योंकि इसी देश ने टी20 विश्व कप 2026 से भारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किनारा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप में शामिल कर दिया।
विश्व कप से हटने के पीछे ये रहे कारण
बीसीबी ने पहले आईपीएल प्रसारण पर रोक लगाई थी और फिर आईसीसी से अपने मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराने की मांग की थी। इसके अलावा ग्रुप में बदलाव की भी अपील की गई थी, लेकिन जब आईसीसी ने इन प्रस्तावों को ठुकराते हुए स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट भारत में ही खेलना होगा, तब बांग्लादेश ने सुरक्षा का हवाला देकर हटने का निर्णय ले लिया।
अब शूटिंग टीम को भारत भेजने का फैसला यह दिखाता है कि बांग्लादेश का रवैया खेल के हिसाब से बदल रहा है, जिससे उसकी नीति पर सवाल उठने लगे हैं।
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