SPG में वरिष्ठ IPS अधिकारियों की कमी दूर करेगी सरकार, राज्यों को भेजा पत्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने नई प्रक्रिया शुरू की है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर) को पत्र भेजकर योग्य अधिकारियों की सूची जल्द भेजने को कहा है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एसपीजी में डीआईजी स्तर के पदों पर तैनाती के लिए इच्छुक और पात्र आईपीएस अधिकारियों के नाम तुरंत गृह मंत्रालय को भेजे जाएं, ताकि रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके।
आईपीएस डीआईजी के लिए सेवा शर्तें तय
गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार एसपीजी में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले आईपीएस डीआईजी पद के लिए कम से कम 14 साल की सेवा अनिवार्य रखी गई है। राज्यों से कहा गया है कि वे इस सूचना को अधिक से अधिक अधिकारियों तक पहुंचाएं और योग्य उम्मीदवारों की सूची 30 दिनों के भीतर भेजें।
इसके साथ ही अधिकारियों का विजिलेंस स्टेटस और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी आवेदन के साथ अनिवार्य रूप से संलग्न करने को कहा गया है।
रिक्त पदों को भरने की कवायद
सूत्रों के मुताबिक, हाल के समय में कई अधिकारियों के मूल कैडर में वापस लौटने के बाद एसपीजी में डीआईजी स्तर के पद खाली हो गए हैं। यही वजह है कि केंद्र ने राज्यों से तेजी से नामांकन भेजने की अपील की है। यह प्रक्रिया केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
SPG की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था
एसपीजी को देश की सबसे विशिष्ट सुरक्षा इकाइयों में माना जाता है, जो प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदस्थ व्यक्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती है। यह बल न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करता है।
एसपीजी अपने चयनित अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिसमें नेतृत्व क्षमता, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तरीय सुरक्षा रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
सम्मान और उपलब्धियां
एसपीजी कर्मियों को अब तक एक शौर्य चक्र, 46 राष्ट्रपति पुलिस पदक और 358 पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। संगठन को इसकी उत्कृष्ट सेवाओं और उच्च मानकों के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।
एसपीजी का आदर्श वाक्य “शौर्यं समर्पणं सुरक्षां” है, जो इसके कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा की भावना को दर्शाता है।
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