केरल में मुख्यमंत्री चयन पर सस्पेंस जारी, दिल्ली पहुंचे दिग्गज नेता

केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कांग्रेस अब तक राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाई है। इस देरी के बीच पार्टी के भीतर लगातार मंथन जारी है और केंद्रीय नेतृत्व ने केरल के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने राज्य के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है, ताकि मुख्यमंत्री पद को लेकर एक साझा सहमति बनाई जा सके।
दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल
कांग्रेस नेतृत्व लगातार केरल के प्रमुख नेताओं से संपर्क में है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन आज रात दिल्ली पहुंच रहे हैं, जबकि अन्य वरिष्ठ नेता भी राजधानी के लिए रवाना हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि के. मुरलीधरन और मुल्लाप्पल्ली रामचंद्रन से भी पार्टी नेतृत्व ने बातचीत की है।
विधायकों ने फैसला हाईकमान पर छोड़ा
नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने एक संयुक्त प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करते हुए मुख्यमंत्री चयन का अधिकार पूरी तरह पार्टी आलाकमान को सौंप दिया है। एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने जानकारी दी कि सभी विधायकों ने “वन-लाइन रिजॉल्यूशन” के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।
इस कदम के बाद विधायक दल में किसी भी तरह के मतभेद या खींचतान की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
अंतिम फैसला दिल्ली से होगा
अब मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इस पर विचार-विमर्श के बाद अंतिम मुहर लगाएंगे।
दीपा दासमुंशी ने कहा कि पार्टी सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है और उचित समय पर नाम की घोषणा की जाएगी। उनके अनुसार, यह फैसला 23 मई तक कभी भी सामने आ सकता है।
वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नितला ने भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है और अब अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा।
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