पंजाब में किलोमीटर स्कीम को लेकर तनाव बढ़ा, बस सेवाएं तीसरे दिन भी ठप

पंजाब में किलोमीटर स्कीम के विरोध में चल रहे पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस कांट्रेक्ट वर्कर्स की हड़ताल रविवार को भी जारी रही। सरकार द्वारा कर्मचारियों पर कार्रवाई, नौकरी से निष्कासन और पुलिस केस दर्ज करने के विरोध में यूनियनों ने कई स्थानों पर चक्का जाम रखा।
दोपहर बाद ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर और विभागीय अधिकारियों के साथ यूनियन प्रतिनिधियों की बैठक देर शाम तक चलती रही, मगर निकाले गए कर्मचारियों की बहाली और गिरफ्तार कर्मियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन सकी। स्थिति यह है कि सोमवार को बसों का संचालन लगातार चौथे दिन भी बाधित रह सकता है।
अमृतसर में निजी बस ऑपरेटरों को फायदा, सरकारी बसें वर्कशॉप में खड़ी
अमृतसर बस स्टैंड पर सरकारी बसों के न चलने से निजी बस ऑपरेटरों को लाभ मिलता नजर आया। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने वाली महिलाएं भी बस स्टैंड पर बेहद कम दिखीं। अमृतसर डिपो-1 और डिपो-2 की करीब 200 बसें वर्कशॉप में खड़ी रहीं। यूनियन के सदस्य वर्कशॉप परिसर में ही धरने पर बैठे रहे, जबकि बाहर प्रशासन ने पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया।
डिपो-1 के प्रधान केवल सिंह ने आरोप लगाया कि किलोमीटर स्कीम का टेंडर रद्द करवाने की मांग उठाने पर सरकार "तानाशाही रवैया" अपनाते हुए कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है और गिरफ्तार कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें स्वीकार नहीं कीं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फरीदकोट में तीसरे दिन भी हड़ताल, बस स्टैंड पर भारी पुलिस बल तैनात
फरीदकोट बस स्टैंड पर पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और स्पष्ट कहा कि मांगें मानने तक संघर्ष जारी रहेगा।
किसी संभावित तनाव या हिंसक घटना को रोकने के लिए पुलिस ने बस स्टैंड को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। एसपी हैडक्वार्टर मनविंदर बीर सिंह के नेतृत्व में तीन डीएसपी, पांच एसएचओ और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि कर्मचारी बस स्टैंड के गेट बंद करने या हिंसक प्रदर्शन की कोशिश करते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।
पीआरटीसी कर्मचारी यूनियन के नेता हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी उचित मांगों को पुलिस बल के सहारे दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले कई स्थानों पर कर्मचारियों पर लाठीचार्ज भी किया गया था। हरप्रीत सिंह के अनुसार, यूनियन की प्रांतीय समिति सरकार से वार्ता कर रही है और यदि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तीखा रूप ले सकता है।
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