अय्यर के लेटर का थरूर ने दिया जवाब: कहा- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर और शशि थरूर के बीच राजनीतिक मतभेद अब सार्वजनिक हो गए हैं। दोनों नेताओं ने हाल ही में खुले पत्रों के माध्यम से एक-दूसरे पर निशाना साधा है। अय्यर ने कहा कि अब वह थरूर से अलग नजरिया अपनाएंगे, जबकि थरूर ने अय्यर की हालिया टिप्पणियों को अनुचित और अनावश्यक बताया।
विवाद की शुरुआत
यह बहस उस समय उभरी जब अय्यर ने थरूर के नाम खुला पत्र लिखा। पत्र में अय्यर ने कहा कि छह मार्च को एक टीवी कार्यक्रम में थरूर के बयान ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। अय्यर ने यह भी कहा कि उनके अनुसार अमेरिका और पश्चिमी देशों के सहयोग से ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को ‘गैरकानूनी और अनैतिक’ बताया गया।
अय्यर की प्रतिक्रिया
अय्यर ने खुला पत्र लिखते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में थरूर का समर्थन किया था और अपने राजनीतिक करियर को जोखिम में डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि थरूर ने विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर कई ऐसे दृष्टिकोण अपनाए हैं, जिनसे उन्हें आश्चर्य और चिंता हुई। अय्यर ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले में थरूर के समर्थन की आलोचना भी की और कहा कि इससे पता चलता है कि थरूर पार्टी के भीतर ‘हम में से एक’ नहीं हैं।
थरूर का जवाब
थरूर ने अय्यर के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी सहयोगी के चरित्र या देशभक्ति पर संदेह करना स्वस्थ बहस को मजबूत नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनके निर्णय हमेशा भारत के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए गए हैं। थरूर ने अय्यर द्वारा उनके विदेश दौरों पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया और स्पष्ट किया कि अधिकांश यात्राएं निजी क्षमता में हुईं, न कि प्रधानमंत्री या सरकार की ओर से।
थरूर ने सबरीमाला मामले पर कहा कि अय्यर का विरोध उनके दृष्टिकोण पर था, लेकिन अब पार्टी की आधिकारिक नीति का पालन करने पर भी आलोचना करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अय्यर के समर्थन के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में उनके निर्णय पर अब पछतावा जताना असमर्थनीय है।
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