यूपी का कुल सीडी रेशियो बीते 10 साल में सर्वाधिक स्तर पर, 60.39% के पार

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कुल क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य तय किया है। रविवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंकों से आग्रह किया कि वे इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश का कुल सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों में सबसे उच्च स्तर है। जनपदवार समीक्षा के अनुसार, 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जिले 20 से घटकर केवल पांच रह गए हैं। मुख्यमंत्री ने मार्च तक सभी जिलों में सीडी रेशियो में सुधार के निर्देश दिए।
बैंकों से खास अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) को वित्तीय मदद मिली, वैसे ही ओडीसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कॉरपोरेट) को भी प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग प्रदान कर रही है।
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि इन योजनाओं की सफलता में बैंकों की सक्रिय भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक दस्तावेज़ मांगना, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी लाभार्थियों को हतोत्साहित करती है, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए।
बैंकिंग सेक्टर की स्थिति
बैठक में यह बताया गया कि मार्च 2017 में प्रदेश की कुल जमा राशि 8.92 लाख करोड़ रुपये थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया।
एमएसएमई क्षेत्र में अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 के दौरान 23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी दौरान जमा राशि में 6.47 लाख करोड़, ऋण में 5.03 लाख करोड़ और कुल बैंकिंग व्यवसाय में 11.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
आगामी मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम
प्रदेश में 20 फरवरी और 16 मार्च को दो बड़े ऋण वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले दस वर्षों में प्रदेश में 3.89 लाख से अधिक बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए गए हैं।
विशेषज्ञों की राय
बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक लाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी योजना से बैंकों का जोखिम कम हुआ है, जिससे ऋण वितरण और बैंकिंग गतिविधियों में तेजी आई है।
भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लगातार राजस्व अधिशेष में रहना बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड वितरण में और तेजी की अपेक्षा जताई।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.