साजिश के तहत नोएडा में भड़का विवाद: अनिल राजभर

HIGHLIGHTS
- नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
- उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश की शांति व्यवस्था और विकास कार्यों को बाधित करना हो सकता है।
- साजिश के एंगल पर सरकार का दावा श्रम मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके संबंध पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से बताए जा रहे हैं।
- ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की कोशिशों की आशंका को नजरअंदाज नहीं क…
नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश की शांति व्यवस्था और विकास कार्यों को बाधित करना हो सकता है।
साजिश के एंगल पर सरकार का दावा
श्रम मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके संबंध पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से बताए जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की कोशिशों की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा गंभीरता से की जा रही है।
अनिल राजभर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर दौरे से पहले इस तरह की घटनाएं किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बढ़ते विकास और सरकार की लोकप्रियता से कुछ असामाजिक और देशविरोधी तत्व असहज हैं।
श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील
मंत्री ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सरकार हर समस्या का समाधान बातचीत के जरिए करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर भेजे गए हैं और श्रमिकों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।
सरकार का दावा: श्रमिक हित सर्वोच्च प्राथमिकता
अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश के विकास में श्रमिकों का अहम योगदान है और सरकार उनके हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि “श्रमेव जयते” के संकल्प के साथ सरकार लगातार श्रमिक कल्याण पर काम कर रही है।
औद्योगिक विकास मंत्री का विपक्ष पर आरोप
इसी मामले पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में कुछ राजनीतिक तत्वों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े कुछ लोग समय-समय पर ऐसे आंदोलनों के जरिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश और उद्योग के क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है और सरकार सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
अखिलेश यादव का पलटवार
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोएडा में हुआ श्रमिक आंदोलन सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है, जबकि मजदूर और कर्मचारी महंगाई के बीच परेशान हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि बढ़ती महंगाई में कम वेतन पर जीवन यापन करना आम परिवारों के लिए बेहद कठिन होता जा रहा है और सरकार को इस दिशा में गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
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