मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटने पर अमेरिकी सांसद ने जताई चिंता, SIR पर उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने एसआईआर के दौरान नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताई।
- उन्होंने भारत और अमेरिका में मतदान के अधिकारों से जुड़े मुद्दों की तुलना की।
- निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, तीन चरणों में करीब 13.36 करोड़ नाम हटाए गए।
भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मामला अब अमेरिका में भी चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने मसौदा मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने भारत में लोकतांत्रिक अधिकारों को कथित रूप से प्रभावित करने वाले कदमों के खिलाफ हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का समर्थन किया है।
वॉशिंगटन राज्य से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद जयपाल ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
भारत और अमेरिका के हालात की तुलना की
प्रमिला जयपाल ने अपनी पोस्ट में कहा कि भारत में हो रहे घटनाक्रम अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर लगाए जा रहे उन आरोपों से मिलते-जुलते नजर आते हैं, जिनमें मतदान के अधिकारों को कमजोर करने की बात कही जाती है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोकतंत्र की रक्षा करना जरूरी है। उनके अनुसार, भारत और अमेरिका के नागरिकों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का अधिकार मिलना चाहिए। जयपाल ने भारत में लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले कथित कदमों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के प्रति समर्थन जताया और अहिंसक आंदोलनों को महत्वपूर्ण बताया।
चुनाव आयोग के आंकड़ों में कितने नाम हटाए गए?
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर के पहले और दूसरे चरण के दौरान 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियों से करीब 7.2 करोड़ नाम हटाए गए। वहीं, तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा सूचियां प्रकाशित होने के बाद हटाए गए नामों की संख्या 6.16 करोड़ बताई गई है।
इन आंकड़ों को जोड़ने पर तीनों चरणों में हटाए गए नामों की कुल संख्या करीब 13.36 करोड़ होती है। हालांकि, नाम हटाए जाने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। केवल इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हटाए गए सभी नाम पात्र मतदाताओं के थे।
नाम छूटने पर दोबारा जुड़वाने का विकल्प
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से छूट गया है, तो वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने के लिए अनुरोध कर सकता है।
इसके अलावा, फॉर्म-6 के जरिए भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अवसर देना है।
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