पंजाब में बारिश से बिगड़े हालात, मानसा में घरों में घुसा पानी; किसानों की बढ़ी चिंता

HIGHLIGHTS
- मंडियों में खुले में रखा धान भीगने से किसानों की परेशानी बढ़ी।
- बारिश के कारण धान की कटाई और नरमे की चुगाई प्रभावित होने की आशंका।
- धरनास्थल पर पानी जमा होने से प्रदर्शनकारियों को दिक्कत हुई।
पंजाब। राज्य में वीरवार को मौसम ने अचानक करवट ली। मानसा में सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगहों पर लोगों के घरों में भी पानी घुसने की सूचना मिली है।
बारिश से आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ किसानों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण पहले ही धान की कटाई प्रभावित हो रही थी। अब दोबारा बारिश होने से कटाई में और देरी होने की आशंका है। इसके अलावा, खेतों में नरमे की चुगाई का काम भी प्रभावित होने की संभावना है।
वहीं, फरीदकोट, राजपुरा समेत पंजाब के कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच किसानों की बढ़ी चिंता
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के बठिंडा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. जतिंदर कौर ने 15 अक्टूबर को बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई थी। उन्होंने बताया था कि पंजाब के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की आशंका भी जताई गई थी।
उन्होंने किसानों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करने और फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए पहले से जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि कटाई के लिए तैयार धान की फसल को मौसम साफ होने पर जल्द काटने का प्रयास करें और कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
डॉ. जतिंदर कौर ने मंडियों में रखे धान और अन्य फसलों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से अच्छी तरह ढकने तथा पानी की निकासी के उचित प्रबंध करने की सलाह भी दी थी। उन्होंने नरमे की चुगाई मौसम साफ होने के बाद करने को कहा था।
खेतों में सिंचाई नहीं करने की सलाह
मानसा के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह सिद्धू ने बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में सिंचाई से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान सब्जियों के खेतों में पानी जमा न होने दें और निकासी के उचित इंतजाम करें। तेज हवाओं से फसलों के गिरने और अन्य नुकसान की आशंका को देखते हुए भी जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की गई है।
मानसा के निचले इलाकों में जलभराव
भारी बारिश के चलते मानसा शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कुछ स्थानों पर घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद शहर की जलनिकासी व्यवस्था और किसानों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं।
धरनास्थल पर भी जमा हुआ पानी
मानसा में देर रात हुई बारिश के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव हो गया। परमिंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर डीसी तिकोणी चौक पर चल रहे धरने की जगह पर भी पानी जमा हो गया। इससे धरने पर बैठे लोगों को परेशानी हुई।
धरना कमेटी के सदस्यों ने इस समस्या के संबंध में डिप्टी कमिश्नर मानसा नवजोत कौर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद इंसाफ कमेटी के सदस्यों ने नगर काउंसिल मानसा के प्रधान भूषण कुमार मत्ती से फोन पर बातचीत की। कमेटी ने धरनास्थल से पानी निकालने के लिए मोटरें लगाने और दो घंटे के भीतर जलनिकासी कराने की मांग की।
उधर, परमिंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर 15 अक्टूबर को पंजाब बंद के आह्वान के तहत मानसा में बसें और दुकानें पूरी तरह बंद हैं। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी धरने को समर्थन दिया है।
पठानकोट में दिन में छाया अंधेरा, बारिश से बढ़ी ठंड
पठानकोट में भी वीरवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 9:30 बजे तेज बारिश शुरू होने के बाद शहर की गलियों में अंधेरा छा गया। आसमान में घने बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन में भी रोशनी कम हो गई। तेज बारिश के चलते लोग घरों में ही रहे।
मौसम में बदलाव के साथ ठंड का एहसास भी बढ़ गया। लोग गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। बारिश के कारण सुबह के समय सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ और अचानक बदले मौसम ने लोगों को ठंड का एहसास करा दिया।
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