हिमंता बिस्व सरमा को नहीं बख्शेंगे, सत्ता में आते ही भेजेंगे जेल: राहुल गांधी

HIGHLIGHTS
- असम के बिस्वनाथ में आयोजित एक चुनावी जनसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
- उन्होंने आरोप लगाया कि असम की सरकार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही, बल्कि राज्य की राजनीति पर दिल्ली का प्रभाव हावी है।
- अपने संबोधन में राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया और कहा कि इन सवालों पर कांग्रेस आने वाले समय में अपना संघर्ष और तेज करेगी।
- “असम की सत्ता दिल्ली के इशारों पर” सभा को संबोधित करते हुए राह…
असम के बिस्वनाथ में आयोजित एक चुनावी जनसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की सरकार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही, बल्कि राज्य की राजनीति पर दिल्ली का प्रभाव हावी है। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया और कहा कि इन सवालों पर कांग्रेस आने वाले समय में अपना संघर्ष और तेज करेगी।
“असम की सत्ता दिल्ली के इशारों पर”
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि असम की राजनीतिक बागडोर राज्य के हाथों में नहीं, बल्कि दिल्ली के नेतृत्व के पास है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डोनाल्ड ट्रंप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं, जबकि मोदी और अमित शाह राज्य के मुख्यमंत्री को निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक असम की सरकार मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि दिल्ली से संचालित हो रही है।
मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने परिवार को भी कथित भ्रष्टाचार में शामिल करके गंभीर गलती की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में आती है तो इन आरोपों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के माफी मांगने से बात खत्म नहीं होगी और कानून के तहत कार्रवाई होगी।
महिला सुरक्षा और वन स्टॉप सेंटर पर सवाल
सभा के साथ-साथ राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी केंद्र सरकार की ‘वन स्टॉप सेंटर’ योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिंसा की शिकार महिलाओं को सहायता देने के लिए बनाए गए ये केंद्र अपनी भूमिका निभाने में विफल साबित हो रहे हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक कई पीड़ित महिलाओं को मदद पाने के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की मूल जिम्मेदारी है। उन्होंने याद दिलाया कि संसद में भी उन्होंने इन केंद्रों की स्थिति पर सवाल उठाए थे और पूछा था कि कई जगहों पर केंद्र बंद क्यों हैं तथा वहां पर्याप्त स्टाफ क्यों नहीं है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार से यह भी पूछा कि आखिर पांच में से तीन महिलाओं तक सहायता क्यों नहीं पहुंच पा रही है। इसके अलावा राहुल गांधी ने बजट के कम उपयोग और देशभर से मिल रही शिकायतों पर सरकार की चुप्पी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में खोले गए नए केंद्रों और खाली पदों की जानकारी भी मांगी।
सरकार का जवाब
इस मुद्दे पर सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने लिखित जवाब देते हुए बताया कि ‘मिशन शक्ति’ योजना के तहत संचालित वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराते हैं। सरकार के अनुसार वर्ष 2015 से अब तक लगभग 13.37 लाख महिलाओं को इन केंद्रों के माध्यम से मदद दी गई है।
मंत्री ने यह भी कहा कि इन केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है और नीति आयोग ने योजना के प्रदर्शन को संतोषजनक बताया है। हालांकि राहुल गांधी ने सरकार के इन दावों को खारिज करते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
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