कृपया प्रतीक्षा करें…
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डोईवाला ब्लॉक के 30 गांवों में 1,946 लोगों पर किया गया अध्ययन ग्रामीण आबादी में 38.5% लोगों में हाइपरटेंशन पाया गया हाई BP से पीड़ित महिलाओं में 55.1% की नींद की गुणवत्ता खराब मिली

सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा गिरने की सूचना है। निर्माण कंपनी के मुताबिक करीब 1300 मीटर अंदर गिरे मलबे को हटाने का प्रयास जारी है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने किसी चिंताजनक स्थिति से इनकार किया है।

रामदेव ने मीडिया के सवालों पर बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते। रामदेव ने अपने योगदान को लेकर कहा कि देश इसके बारे में जानता है।

अंतिम दल के शाम तक धारचूला आधार शिविर पहुंचने की उम्मीद है। कूलागाड़ और मलघटिया के पास मलबा आने से मार्ग बंद हुआ था। धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख मार्ग अब आवाजाही के लिए खुल चुका है।

उत्तराखंड रोडवेज इस मार्ग पर सुबह 4 बजे से रात 12:30 बजे तक बसें चला रहा है। परिषद के अनुसार, ग्रीन एक्सप्रेस-वे से निगम को रोज करीब 40 लाख रुपये की आय हो रही है। संगठन ने 24 अगस्त की प्रस्तावित बैठक को रद्द करने की मांग की है।

बिजली जाने के साथ ही पीकू का यूपीएस भी बंद हो गया। बैकअप जनरेटर का पैनल हैंग होने से वह तुरंत शुरू नहीं हो सका। ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद सात अन्य बच्चों की निगरानी बढ़ाई गई।

अमन कैंटीन बंद कर घर लौट रहे थे रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे थे दोनों हमलावर गोली लगने के बाद अमन सड़क पर गिर पड़े

टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर जा गिरे और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सिविल अस्पताल में तीन घायलों को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।

पथरी बाग चौक पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया। हिरासत में लिया गया युवक एबीवीपी का कार्यकर्ता बताया गया। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटेलनगर थाने पहुंचे।

हरियाणा से सात लोग देहरादून और हरिद्वार घूमने आए थे टपकेश्वर मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रहे थे सभी चालक को हाईवे पर कई बार नींद की झपकी आने की बात सामने आई

भल्लेगांव बागवान के पास अचानक गिरा चट्टानी मलबा मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लगी देवप्रयाग पुलिस ने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका

दो दिन तक चली लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला बचाव पक्ष की ओर से रखे गए कई तर्क कोर्ट ने स्वीकार नहीं किए तीनों आरोपियों को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है

13 अगस्त को निर्माणाधीन टनल में हुआ था हादसा। सुरंग में जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी जारी रहा। बरामद शवों को जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया।

जिला और बड़े उप जिला अस्पतालों के लिए 31 मार्च 2027 तक की समयसीमा तय की गई। चिकित्सकों के रिक्त पद भरने और विशेषज्ञ डॉक्टरों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने पर जोर दिया गया। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया आसान बनाने और जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने के निर्देश दिए गए।

मेहरगांव में बारिश से मकान ढहने के बाद रेस्क्यू अभियान जारी। सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे की स्थिति में पहुंचा। कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास पहाड़ी से भारी मलबा आया।