उत्तरकाशी: सिलक्यारा सुरंग में फिर भूस्खलन, डेढ़ किमी अंदर गिरा मलबा

HIGHLIGHTS
- सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा गिरने की सूचना है।
- निर्माण कंपनी के मुताबिक करीब 1300 मीटर अंदर गिरे मलबे को हटाने का प्रयास जारी है।
- कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने किसी चिंताजनक स्थिति से इनकार किया है।
उत्तरकाशी। चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर भूस्खलन होने की सूचना है।
भूस्खलन के कारण सुरंग के अंदर मलबा फैल गया है। इसके बाद निर्माणाधीन सुरंग में मलबे से सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, निर्माण कंपनी ने किसी खतरे की बात से इनकार किया है।
बता दें कि वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग के अंदर सिलक्यारा छोर से करीब 200 मीटर की दूरी पर भारी भूस्खलन हुआ था। इस हादसे के बाद सुरंग निर्माण में लगे 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हालांकि, इसके बाद भी सुरंग में भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रही हैं।
फिर सामने आई भूस्खलन की तस्वीरें और वीडियो
सोमवार को सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर भूस्खलन की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए। इस संबंध में निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राम ने बताया कि निर्माणाधीन सुरंग में मलबा गिरता रहता है।
उन्होंने बताया कि करीब 1300 मीटर अंदर कुछ मलबा गिरा है, जिसे बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस घटना को लेकर किसी भी चिंताजनक स्थिति से इनकार किया।
उल्लेखनीय है कि सिलक्यारा सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और इसे वर्ष 2022 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों के कारण इसका निर्माण समय पर पूरा नहीं हो सका। वर्ष 2024 में इस सुरंग को सफलतापूर्वक आर-पार किया गया।
वर्तमान में सुरंग का करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2027 तक इसके निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह राज्य की सबसे लंबी निर्माणाधीन सड़क सुरंग है, जिसकी लंबाई 4.5 किलोमीटर है।
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