15 हजार KM, 5 राज्य और ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क... 3.5 किलो MDMA केस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

HIGHLIGHTS
- अप्रैल में करीब 3.5 किलो MDMA जब्त किया गया था
- शुरुआती गिरफ्तारी के बाद बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला
- आरोपियों ने विदेशी नंबरों और बिना सिम वाले फोन का इस्तेमाल किया
तिरुवनंतपुरम। केरल के एक्साइज विभाग ने इस साल 23 अप्रैल को राज्य में अब तक के सबसे बड़े सिंथेटिक ड्रग्स मामलों में से एक का खुलासा करते हुए करीब 3.5 किलोग्राम एमडीएमए जब्त किया था। इस मामले की जांच के दौरान 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने राजस्थान सीमा से नेपाल सीमा तक पांच राज्यों में करीब 15 हजार किलोमीटर की लंबी जांच की।
अप्रैल में हुई इस कार्रवाई के बाद मप्पुरम के शफीक पीके और यूट्यूबर फातिमा नसरीन को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि दोनों केवल कूरियर की भूमिका में थे। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला।
5 लाख रुपये की घूस देने की कोशिश
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी की कार के मालिक उमर फारूक को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पकड़े जाने के डर से उसने एक्साइज कमिश्नर को 5 लाख रुपये की घूस देने की कोशिश की। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप चलाने के लिए यूएई और आर्मेनिया के नंबरों का इस्तेमाल करते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए वे बिना सिम कार्ड वाले फोन और दूसरे लोगों के वाई-फाई नेटवर्क का भी इस्तेमाल करते थे।
महिला अधिकारियों ने बदला भेष
तमिलनाडु के तेनकासी में आरोपी की महिला साथी को गिरफ्तार करने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय आवासीय क्षेत्र में तलाकशुदा महिलाओं को वित्तीय सहायता देने वाले सरकारी अधिकारियों का भेष धारण किया। इस योजना के जरिए महिला आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।
पर्यटक बनकर नेपाल सीमा तक पहुंचे अधिकारी
जांच में पता चला कि आरोपी हिरन और अरोमल नेपाल भागने की तैयारी में थे। उनका पीछा करते हुए तीन एक्साइज अधिकारी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचे। अधिकारियों ने अपनी पहचान छिपाई और होमस्टे में पर्यटकों के रूप में रहे। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी मोहम्मद मुस्तफा उर्फ बिलाल राजस्थान सीमा के पास करीब 85 हजार रुपये में चीन में बनी पिस्तौल खरीदता था और उसे भारत के दूसरे हिस्सों में बेचता था।
पांच राज्यों में चला अभियान
पूरी कार्रवाई के दौरान SIT ने पांच राज्यों में करीब 15 हजार किलोमीटर की यात्रा की। टीम ने 8 हजार से अधिक फोन कॉल और 160 टावर लोकेशन की जांच की। जांच में ड्रग्स की तस्करी के लिए खास तौर पर मोडिफाइड की गई एक हुंडई क्रेटा कार का भी पता चला।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.