कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ की जांच के लिए 3 महीने का समय कम, SIT प्रमुख ने कही ये बात

HIGHLIGHTS
- एसआईटी जल्द बैठक कर जांच की रूपरेखा तैयार करेगी और घटनास्थल का दौरा करेगी।
- जांच में यह पता लगाया जाएगा कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और अचानक भीड़ क्यों बढ़ी।
- टीम जांच करेगी कि पंडाल में मौजूद लोगों की संख्या निर्धारित सुरक्षित क्षमता से अधिक थी या नहीं।
कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की प्रमुख सेवानिवृत्त जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती ने गुरुवार को कहा कि रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन महीने की समय-सीमा काफी कम है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि टीम निर्धारित समय के भीतर जांच पूरी करने का पूरा प्रयास करेगी।
क्या है पूरा मामला?
उत्तरी कोलकाता के चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को भगदड़ मच गई थी। इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के परामर्श से छह सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
सेवानिवृत्त जज ने क्या कहा?
सेवानिवृत्त जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती ने एक स्थानीय समाचार चैनल से बातचीत में बताया कि एसआईटी के सदस्य जल्द बैठक कर जांच की रूपरेखा तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए टीम घटनास्थल का दौरा भी करेगी।
राज्य सरकार की ओर से रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्धारित तीन महीने की अवधि पर उन्होंने कहा, “यह बहुत कम समय है, लेकिन हम समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।”
सरकार के अनुसार, किन पहलुओं की होगी जांच?
सरकार के मुताबिक, एसआईटी भगदड़ से जुड़ी घटनाओं के पूरे क्रम की पड़ताल करेगी। इसमें उन परिस्थितियों की जांच भी शामिल होगी, जिनके कारण अचानक भीड़ बढ़ गई। टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटनास्थल पर कितने लोग मौजूद थे और क्या भीड़ की संख्या निर्धारित सुरक्षित क्षमता से अधिक हो गई थी।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन क्लिप, फोरेंसिक जांच के नतीजों, कॉल रिकॉर्ड, पुलिस स्टेशन और कंट्रोल रूम के लॉग, मेडिकल रिकॉर्ड सहित घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की विस्तार से पड़ताल की जाएगी।
इसके अलावा, एसआईटी आयोजकों, पुलिस, निजी सुरक्षा कर्मियों, स्वयंसेवकों, एम्बुलेंस सेवाओं, अस्पतालों, दमकल विभाग और नागरिक प्रशासन की तैयारियों तथा घटना के दौरान उनकी प्रतिक्रिया की भी जांच करेगी।
एसआईटी में कौन-कौन शामिल है?
छह सदस्यीय एसआईटी की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती कर रही हैं। टीम में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव, विशेष कार्य बल (STF) के महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (DGP) भी शामिल हैं।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल पुलिस प्रमुख का एक प्रतिनिधि, जिसका पद अतिरिक्त महानिदेशक से नीचे नहीं होगा, गृह और पहाड़ी मामलों के विभाग का एक प्रतिनिधि, जो संयुक्त सचिव से नीचे के पद पर नहीं होगा, और कोलकाता स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) का एक प्रतिनिधि भी एसआईटी का हिस्सा है।
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