आंध्र प्रदेश में 100 शहरी निकायों के चुनाव पर रोक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फैसला

HIGHLIGHTS
- राज्य चुनाव आयोग ने 14 अक्टूबर को शहरी निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी की थी।
- चुनाव कार्यक्रम के तहत 16 से 18 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल हुए और 19 अक्टूबर को उनकी जांच की गई।
- वाईएसआरसीपी ने अपने उम्मीदवारों पर हमले, धमकियों और नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोकने के आरोप लगाए थे।
अमरावती। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने राज्य के 100 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए 13 नगर निगमों और 87 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी।
राज्य चुनाव आयोग ने शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए 14 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की थी। तय कार्यक्रम के तहत 16 से 18 अक्टूबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जबकि 19 अक्टूबर को इनकी जांच की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आयोग का आदेश
बुधवार देर रात जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में राज्य चुनाव आयुक्त पुनेथा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया है।
वाईएसआरसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
चुनाव प्रक्रिया रोकने का फैसला वाईएसआरसीपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दायर किए जाने के बाद आया। पार्टी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 19 अक्टूबर को समाप्त हो चुकी नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने से इनकार किया गया था।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया था कि उसके उम्मीदवारों पर हमले किए गए, उन्हें धमकाया गया और नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से अधिकारियों को उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की थी, ताकि वे बिना किसी डर के नामांकन दाखिल कर सकें।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 अक्टूबर तक टालने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित करने की प्रक्रिया 25 अक्टूबर तक टालने का निर्देश दिया। साथ ही, राज्य चुनाव आयुक्त पुनेथा से याचिकाकर्ता और विभिन्न उम्मीदवारों की ओर से सौंपे गए अभ्यावेदनों पर विचार करने को कहा।
शीर्ष अदालत ने आयोग को उसके समक्ष पेश किए गए सबूतों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया। अदालत के मुताबिक, यदि आयोग को लगता है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सके, तो वह संबंधित स्थानीय निकायों में नामांकन की अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला कर सकता है।
22 अक्टूबर को समय-सीमा बढ़ाने पर जारी होगा आदेश
पुनेथा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन से रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग 22 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाने के संबंध में आदेश जारी करेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव अधिसूचना में संशोधन कर नामांकन के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। यह अवधि संबंधित निर्णय की घोषणा के बाद कम से कम 48 घंटे की होगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.