अबू सुमामा पर शिकंजा, NIA कोर्ट ने लश्कर कमांडर के खिलाफ जारी किया गैर-जमानती वारंट

HIGHLIGHTS
- जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर की भूमिका सामने आने का दावा।
- आरोपी के कई छद्म नामों का एनआईए रिकॉर्ड में जिक्र।
- नाका चेकिंग के दौरान ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद हुए थे।
लश्कर-ए-ताइबा के कमांडर मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा पर कश्मीर में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादियों को सुरक्षाकर्मियों और बेगुनाह नागरिकों की टारगेट किलिंग के निर्देश देने का आरोप है। एनआईए कोर्ट ने अब उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
एनआईए के रिकॉर्ड के मुताबिक, मोहम्मद याकूब ने कई छद्म नाम रखे थे। उसे अबू सुमामा, सुमामा इलियास और वारिस अली के नाम से भी जाना जाता है। वह पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित चट्टा बख्तावर इलाके में लश्कर का ऑपरेशनल कमांडर है। उस पर कश्मीर में सक्रिय लश्कर के आतंकवादियों को आर्थिक मदद देने और आतंकी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप है।
एनआईए कोर्ट ने वारंट जारी करने की अर्जी मंजूर की
जम्मू के स्पेशल जज (एनआईए) प्रेम सागर ने एनआईए के मुख्य जांच अधिकारी और डिप्टी एसपी अमित शर्मा की अर्जी को मंजूर कर लिया। इसमें बीएनएसएस की धारा 75 के तहत फरार आतंकी कमांडर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई थी।
यह कार्रवाई एनआईए बनाम मोहम्मद नकीब भट और अन्य मामले में हुई है। मामला उस समय सामने आया, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर के पांडच स्थित गूजर टेंट के पास नाका चेकिंग के दौरान स्थानीय रजिस्ट्रेशन वाली एक मोटरसाइकिल को रोका। मोटरसाइकिल सवार की पहचान फजल हक कॉलोनी (बटपोरा, श्रीनगर) निवासी मोहम्मद नकीब भट के रूप में हुई।
तलाशी में उसके पास से एक चीनी ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद हुए। वह इन हथियारों और गोला-बारूद को रखने की कोई वैध वजह नहीं बता सका। इसके बाद पुलिस ने जकूरा पुलिस स्टेशन में यूएपीए की धारा 23, आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की धारा 4 के तहत एफआईआर दर्ज की।
एनआईए के आधिकारिक केस रिकॉर्ड में भी उसकी पहचान जकूरा पुलिस नाका इंटरसेप्शन से हुई। नकीब भट के साथ आदिल राशिद भट और गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा पर आतंकवादियों को आश्रय, भोजन और अन्य लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है। इसके बाद जांच में पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें अधिकारियों ने लंबे समय से सक्रिय विदेशी आतंकवादी बताया।
हथियार बरामद होने के बाद आगे बढ़ी जांच
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकवादियों अब्दुल्ला राजपूत उर्फ कामरान अहमद और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट से पूछताछ के दौरान हुए खुलासों के बाद पाकिस्तान में बैठे हैंडलर अबू सुमामा की भूमिका जांच के दायरे में आई।
जांच में सामने आया कि उसने गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकवादी को कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों और आम नागरिकों की टारगेट किलिंग का निर्देश दिया था।
आतंकियों की सूची में 74वें नंबर पर याकूब
अभियोजन पक्ष ने स्पेशल कोर्ट के सामने यूएपीए एक्ट की धारा 35 के तहत नामित आतंकवादियों की सरकार की सूची पेश की। इसमें याकूब का नाम चौथे शेड्यूल में सीरियल नंबर 74 पर बताया गया।
जुलाई में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा को आतंकी घोषित किया था। यह मामला इस साल की शुरुआत में शुरू हुई टेरर-मॉड्यूल जांच से जुड़ा है।
जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में 19 जगहों पर तलाशी
जांच के तहत जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में 19 जगहों पर तलाशी भी ली गई। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान एके-सीरीज राइफल, पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया।
इसी पृष्ठभूमि में एनआईए ने अबू सुमामा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जम्मू स्पेशल कोर्ट का रुख किया था।
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