राजभवन मार्च के दौरान तेजस्वी का सरकार पर हमला, बोले- फायरिंग का आदेश किसने दिया?

HIGHLIGHTS
- जेपी गोलंबर से मार्च की शुरुआत, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल।
- डाक बंगला चौराहे पर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।
- तेजस्वी ने फायरिंग की कमांड चेन सार्वजनिक करने की मांग की।
पटना में छात्र आंदोलनों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में आरजेडी ने राजभवन मार्च शुरू किया। मार्च से पहले तेजस्वी यादव जेपी गोलंबर पहुंचे और लोकनायक जयप्रकाश नारायण को नमन किया। इसके बाद वह हजारों कार्यकर्ताओं के साथ डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़े। डाक बंगला चौराहे पर तेजस्वी यादव को रोकने के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
जेपी गोलंबर से शुरू हुआ राजभवन मार्च
राजभवन मार्च में आरजेडी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। पटना के जेपी गोलंबर पर आरजेडी नेता और कार्यकर्ता एकत्र हुए, जहां से सभी राजभवन की ओर आगे बढ़ने लगे। मार्च से पहले तेजस्वी यादव ने जयप्रकाश नारायण को नमन किया। पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
तेजस्वी ने सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से राजभवन मार्च में शामिल होने की अपील की। तेजस्वी ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 से हुई फायरिंग के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
'AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया, सरकार जवाब दे'
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी की गई।
तेजस्वी के मुताबिक, सीवान में तीन लोगों को गोली लगी थी और उनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में कराया गया। उन्होंने सवाल किया कि आरोपी जवान के पास एके-47 कैसे पहुंची, हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी किया गया और इसे जारी करने का आदेश किस अधिकारी ने दिया। उन्होंने हथियारों से जुड़ी पूरी कमांड चेन की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग की।
'सिर्फ सिपाही को बलि का बकरा बनाया जा रहा'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आरोपी सिपाही किस यूनिट में तैनात था। उन्होंने सवाल किया कि क्या वह जिला पुलिस, एसपी की सुरक्षा, एसटीएफ या किसी अन्य विशेष इकाई से जुड़ा था। तेजस्वी ने पूछा कि भीड़ नियंत्रण के लिए फायरिंग की अनुमति किसने दी और गोली चलाने का आदेश किस अधिकारी ने दिया।
उन्होंने सीवान के एसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। तेजस्वी ने कहा कि केवल सिपाही पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने एसपी को निलंबित करने, इस्तेमाल किए गए कारतूसों का हिसाब सार्वजनिक करने और हथियारों की तैनाती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
केंद्र और राज्य सरकार पर भी हमला
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के संसद में दिए गए बयान को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि संसद में गोली नहीं चलने की बात कही गई, जबकि बिहार सरकार ने अपने शपथपत्र में फायरिंग होने की बात स्वीकार की है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही हैं।
'बिहार पेपर लीक की राजधानी बन गया'
तेजस्वी यादव ने बिहार में बेरोजगारी और पेपर लीक को गंभीर समस्या बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने बीजेपी नेताओं से सवाल किया कि जिस 'नए बिहार' की बात की जाती है, उसमें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और विकास की स्थिति बेहतर क्यों नहीं हुई।
तेजस्वी ने सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में अच्छी शिक्षा, कदाचार मुक्त परीक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त विकास अब सपना लगता है। तेजस्वी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर एके-47 का इस्तेमाल गंभीर सवाल खड़े करता है।
'मुख्यमंत्री गोलीकांड पर चुप क्यों हैं?'
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि गोलीकांड के मुद्दे पर अब तक चुप्पी क्यों है और न्यायिक जांच का आदेश क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सीवान के एसपी का केवल तबादला पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राजभवन मार्च को रोकने के लिए छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है। उन्होंने सरकार पर आंदोलन को दबाने के लिए अनुचित तरीके अपनाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में राजभवन मार्च में शामिल होने की अपील की।
फिलहाल डाक बंगला चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग के सामने तेजस्वी यादव और आरजेडी के नेता-कार्यकर्ता डटे हुए हैं।
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