रवि काना की रिहाई पर कार्रवाई, बांदा जेल के अधीक्षक और डिप्टी जेलर निलंबित

यूपी: कुख्यात गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना की संदिग्ध रिहाई के मामले में बांदा जिला जेल के अधीक्षक अनिल कुमार गौतम और डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इससे पहले इस प्रकरण में जेलर को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका था।
रवि काना बांदा जेल में बंद था और गौतमबुद्धनगर की अदालत ने उसे वसूली के एक मामले में बी-वारंट पर तलब किया था। 29 जनवरी को उसकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी, लेकिन उसी दिन शाम को जेल प्रशासन ने उसे रिहा कर दिया। इस पर अदालत ने डीजी जेल और जेल अधीक्षक से जवाब मांगा था और गैंगस्टर को फरार कराए जाने का केस दर्ज करने की चेतावनी भी दी थी।
इसके बाद डीजी जेल पी.सी. मीणा ने प्रारंभिक जांच के आधार पर पहले जेलर विक्रम सिंह को निलंबित किया और फिर डिप्टी जेलर निर्भय सिंह पर भी कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम को भी निलंबित कर दिया गया।
शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में इस प्रकरण को अंदर ही अंदर निपटाने की कोशिश की गई थी। पहले केवल जेलर पर कार्रवाई की गई और अधीक्षक की भूमिका से इनकार किया जाता रहा, लेकिन मामला जब अदालत और मीडिया में चर्चा का विषय बना तो विस्तृत जांच कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके बाद अधीक्षक पर भी गाज गिरी।
फिलहाल रवि काना आरोपी नहीं
इस मामले में जेल अधीक्षक, जेलर और अन्य जेल कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन रवि काना को अभी इसमें आरोपी नहीं बनाया गया है। एसपी बांदा पलाश बंसल के अनुसार रिहाई की पूरी प्रक्रिया जेल अधिकारियों द्वारा की गई थी। हालांकि यदि जांच में बंदी और अफसरों के बीच मिलीभगत के सबूत मिलते हैं तो रवि काना को भी केस में शामिल किया जाएगा और धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.
























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.