नेताओं की सादगी की मिसाल: फडणवीस बाइक से, मंत्री पैदल पहुंचे मंत्रालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद देश के कई राज्यों में ईंधन बचत को लेकर सरकारी स्तर पर कदम तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में कई मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने अपने काफिलों के आकार को कम करना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस दिशा में एक अनोखा उदाहरण पेश किया।
बाइक से विधान भवन पहुंचे मुख्यमंत्री
गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ से मोटरसाइकिल पर सवार होकर दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन पहुंचे। वे यहां नए विधान परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उनके साथ भाजपा नेता और मंत्री आशीष शेलार भी मौजूद थे।
यह कदम प्रधानमंत्री की उस अपील के बाद आया है जिसमें ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग की बात कही गई थी।
मंत्री भी कर रहे सादगी की पहल
इसी क्रम में राज्य मंत्री नितेश राणे ने भी मंत्रिमंडल बैठक में शामिल होने के लिए मंत्रालय तक पैदल चलकर पहुंचने का निर्णय लिया। राज्य सरकार ने हाल ही में कई मितव्ययिता उपायों की घोषणा की है, जिनमें मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या आधी करना और विदेश दौरों पर रोक जैसे कदम शामिल हैं।
अन्य राज्यों में भी असर
प्रधानमंत्री की अपील का असर सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा। आंध्र प्रदेश में भी मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के निर्देश पर मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है।
सूचना एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने सुरक्षा टीम को काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाने का निर्देश दिया है। इसके बाद अब उनके काफिले में केवल दो वाहन ही शामिल रहेंगे।
बिहार में भी निर्देश
इसी तरह बिहार में गृह राज्य मंत्री के निजी सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था के दौरान काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का अनुरोध किया है।
केंद्र सरकार की अपील के बाद यह स्पष्ट है कि ईंधन बचत और प्रशासनिक सादगी की दिशा में राज्यों में नई पहल शुरू हो गई है।























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